जयपुर. राजस्थान में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए एंटी टेरेरिस्ट सेल गठित करने को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। राज्य के डीजीपी केएस बैंस को यह स्वीकृति मिल चुकी है।
दो माह में यहां एटीएस काम करना शुरू कर देगी। इसके साथ ही राजस्थान एटीएस बनाने वाला पांचवा राज्य हो जाएगा। अभी उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में एटीएस काम कर रही है।
गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव एस. एन. थानवी ने बताया कि एटीएस में कुल 92 लोग होंगे। इनमें एक डीआईजी, एक पुलिस अधीक्षक, तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के अलावा डीवाईएसपी और नीचे का स्टाफ भी होगा।
एटीएस राजस्थान में आतंकवादी गतिविधियों की खुफिया जानकारी (इंटेलीजेंस) जुटाने के साथ ही जरूरत होने पर ऑपरेशन भी कर सकेगी और यहां घटने वाली आतंकवादी घटनाओं की जांच भी करेगी।
एटीएस का ऑफिस पुलिस मुख्यालय में ही रखा जाए अथवा झालाना में इस पर अभी विचार चल रहा है। थानवी के अनुसार आईजी स्तर के अधिकारी को एटीएस का मुखिया बनाया गया है। यही अधिकारी एसओजी का भी मुखिया होगा।
उल्लेखनीय है कि जयपुर में 13 मई को सीरियल बम धमाके होने के बाद राज्य पुलिस ने अपने आपको असहाय बताते हुए कहा था कि उनके पास ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए विशेषज्ञ टीम का अभाव है। इसके बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एटीएस के गठन की घोषणा की थी। इस पर पुलिस मुख्यालय ने एटीएस बनाने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा था।