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कांग्रेस के ‘दस हजारी’ खतरे में

रायपुर. congress कांग्रेस की चुनाव समिति प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारी के लिए एंटोनी कमेटी की सिफारिशों को लागू करने पर लगभग सहमत हो गई, लेकिन कुछ सदस्यों ने इसके स्वरूप में फेरबदल का सुझाव दिया है। इस पर नई दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की 14 सितंबर को होने वाली बैठक में विचार होगा।

उसी बैठक में छत्तीसगढ़ के सभी दावेदारों की अर्जियों पर भी चर्चा होगी। इसके लिए एक उप समिति बनाई जाएगी, जो आवेदनों को एंटोनी सिफारिशों के आधार पर छांट लेगी। समझा जाता है कि समिति ने मोटे तौर से पार्टी के अधिकांश विधायकों के टिकट को हरी झंडी दे दी है। चुनाव समिति की बैठक रविवार को राजधानी के एक होटल में शाम 5 बजे शुरू होकर देर रात तक चली।

बैठक से कुछ घंटे पहले, प्रदेश प्रभारी वी नारायण सामी ने संवाददाताओं से बातचीत में साफ कर दिया कि एंटोनी कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही उम्मीदवार तय होंगे। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के एंटोनी फामरूले को कांग्रेस पार्टी सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, देशभर में लागू कर रही है। टिकट के मामले में युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें प्रत्याशी बनाया जाएगा, जिनकी छवि साफ-सुथरी है। बताते हैं कि श्री सामी ने चुनाव समिति की बैठक में भी कहा कि जितनी अर्जियां मिली हैं, उनकी छंटनी एंटोनी कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी ताकि प्रत्याशी चयन में आसानी हो।

सूत्रों के अनुसार कुछ नेताओं ने सिर्फ यही कहा कि एंटोनी सिफारिशों में थोड़ी रियायत मिलनी चाहिए। बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने कहा कि पार्टी के महासचिव राहुल गांधी देशभर में नेताओं की सेकंड लाइन तैयार करना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ में भी इसी रणनीति पर अमल किया जाएगा। बैठक में परिसीमन के बाद उपजी परिस्थितियों पर भी विचार हुआ। सूत्रों का कहना है कि समिति के ज्यादातर नेता इस बात पर सहमत थे कि परिसीमन के बाद अगर किसी विधायक का क्षेत्र बदल जाता है और नए क्षेत्र से मौजूदा विधायक के रूप में वह अकेले ही दावेदार हैं तो ऐसे विधायकों को टिकट दिया जाएगा।

चुनाव समिति ने इस बात पर भी औपचारिक सहमति जताई कि ऐसे लोगों को टिकट दिया जाए, जिनकी जीत की संभावनाएं साफ नजर आ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि पार्टी को बस्तर और सरगुजा में प्रत्याशी चयन पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि पिछले चुनाव में इन इलाकों में हमारी हार हुई। चुनाव समिति की बैठक में श्री मुंशी, पीजे कुरियन, वी नारायण सामी, वीरप्पा मोइली, मोतीलाल वोरा, मोहसिना किदवई, संदीप दीक्षित, सलमान खुर्शीद, अजीत जोगी, विद्याचरण शुक्ल, धनेंद्र साहू, डा. चरणदास महंत, सत्यनारायण शर्मा, महेंद्र कर्मा, इंग्रिड मैकलाड व अरविंद नेताम के अलावा कांग्रेस के मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष तथा समन्वय समिति के तमाम सदस्य शामिल हुए।

विधायक भी जुटे
चयन समिति की बैठक से कई घंटे पहले ही बैठक स्थल पर टिकट के दावेदारों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इनमें से ज्यादातर या तो नए दावेदार थे या फिर वे लोग जिन्होंने पिछला चुनाव कांग्रेस टिकट पर लड़ा लेकिन हार गए। कुछ दावेदार चयन समिति के सदस्यों को सीधे ही अर्जी देने की कोशिश करते देखे गए, लेकिन नाकाम रहे। बंद कमरे में देर रात तक बैठक चली और बाहर दावेदारों का मेला लगा रहा। बैठक के बाद सारे नेता पहुना आ गए तो वहां कई विधायक भी नजर आए। इनमें से ज्यादातर ऐसे थे, जिनके क्षेत्र परिसीमन से प्रभावित हुए हैं। पहुना में आधी रात तक कांग्रेसियों का जमावड़ा रहा। भीड़ तब तक नहीं छटी, जब तक कि सारे वरिष्ठ नेता आराम करने नहीं चले गए।

‘एंटोनी’ के निशाने पर
कांग्रेस के टिकट के वे दावेदार जो पिछला चुनाव दस हजार से ज्यादा वोटों से हारे : तरुण प्रसाद चटर्जी - 37999, मदन गोपाल सिंह - 37722, झितरूराम बघेल - 30279, भानुप्रताप सिंह - 27511, गजराज पगारिया - 25974, श्यामा ध्रुवा - 25811, मन्नुराम कच्छ - 24058, अरुण वोरा - 22573, गंगूराम बघेल - 18444, तुलेश्वर सिंह - 17752, माधव सिंह ध्रुव - 16268, छाया वर्मा - 16117, चनेशराम राठिया - 15616, बदरुद्दीन कुरैशी - 15004, धनेश पाटिला - 14477, शंकर सोढ़ी - 14121, मोहन साय - 13891, गुरुमुखसिंह होरा - 13580, महेश्वर पैकरा - 13382, लोकेन्द्र यादव - 13074, प्रतिमा चंद्राकर - 12552, डीपी धृतलहरे - 12242, अमितेश शुक्ल - 11876, अंतूराम कश्यप - 11392, डोमेन्द्र भेड़िया - 10783, आनंदलाल कुजूर - 10572.

दो बार पराजित : लगातार दो बार हारनेवालों को टिकट नहीं देने की एंटोनी कमेटी की सिफारिश को भी छत्तीसगढ़ चुनाव समिति ने सिद्धांतत: स्वीकार कर लिया है। इस दायरे में अरुण वोरा, बैजनाथ चंद्राकर (1985, 1993), भोला साहू, गीतादेवी सिंह (2003, 2004 उपचुनाव), ईश्वर साय, प्यारेलाल कंवर, शंकर माली, बृहस्पति सिंह और अनिल टाह (पहले निर्दलीय, फिर कांग्रेस से) आदि आ रहे हैं।





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