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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. हल्की-सी बरसात के मौसम से ही हेपेटाइटिस-ई लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। प्रदूषित खानपान की वजह से अस्पतालों में हेपेटाइटिस-ई से ग्रस्त मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या है महिलाओं की।
बढ़ रहे है मरीज
शहर में हेपेटाइटिस-ई के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। छोटे-बड़े सभी अस्पतालों में कुछ महीनों में ही इस बीमारी के मरीजों में गर्भवती महिलाओं की संख्या लगभग 50 है। हर दिन डॉक्टरों के पास हेपेटाइटिस-ई से पीड़ित गर्भवती महिलाएं आती हैं।
गर्भवतियों को है जान का खतरा
गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. राकेश कंचन बताते हैं जागरूकता की कमी से महिलाएं इसकी ज्यादा शिकार होती हैं। गर्भवती महिलाओं में इम्युनिटी कम होने के कारण उनमें हेपेटाइटिस के वायरस बढ़ जाते हैं। गर्भावस्था में पीलिया होने से महिला को एफएचआई यानी लीवर फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है। पहले तिमाही में हेपेटाइटिस-ई होने से जच्च-बच्चा को जान का खतरा 25 प्रतिशत रहता है। गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे तिमाही में यह बढ़कर 85 प्रतिशत तक हो जाता है। इससे बचने के लिए साफ व उबले पानी का प्रयोग करें। सब्जियां व कच्चे सलाद को दो-तीन बार पानी से धोकर प्रयोग में लाएं।
गर्भपात तक की स्थिति
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्याति गुप्ता कहती हैं, हेपेटाइटिस-ई की शिकार महिलाओं की हालत जब बहुत ही गंभीर हो जाती है, तब उनके परिवार वाले अस्पताल लेकर आते हैं। इसके पहले इस बीमारी का घरेलू इलाज किया जाता है। कई बार तो महिलाओं का गर्भपात तक हो जाता है या बच्च कमजोर पैदा होता है। इसके लिए सबसे ज्यादा खानपान में सावधानी रखनी चाहिए और गर्भावस्था में तो बाहर के खाने से जितना हो सके बचें।
ये है हेपेटाइटिस-ई
यह वायरस के कारण होने वाली बीमारी है। गंदगी वाली जगहों पर इसके वायरस तेजी से फैलते हैं। प्रदूषित वातावरण, अस्वच्छ खानपान और सेहत के प्रति लापरवाही की वजह से यह तेजी से पनपती है। भूख न लगना, चक्कर आना व उल्टियां होना, पेशाब का रंग गहरा होना, पेट दर्द, आंखों और त्वचा में पीलापन, मुंह का स्वाद बदलना, मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव, बुखार आदि हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षण हैं।
ऐसे करें बचाव
हेपेटाइटिस-ई से बचने के लिए अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खुले पदार्थ न खाएं, कुछ खाने के पहले हाथों को अच्छे से धोएं। पानी का क्लोरीनेशन करें तो अच्छा होगा।