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अब जागी सिम्स की संवेदना

बिलासपुर. सिम्स के डाक्टरों की संवेदनहीनता की शिकार महिला को अब जाकर इलाज मिला। सिम्स प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। 48 घंटे बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट एमएस कार्यालय को सौंपेगी, दोषी व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। अपने कलेजे के टुकड़े को गवां चुकी महिला व उसके पति को रकम के अभाव में सिम्स से बाहर निकालने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कलेक्टर से शिकायत के बाद एमएस डा. आरआर तिवारी ने इसे संवेदनहीनता का मामला बताते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।

जांच रिपोर्ट ४८ घंटे में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि जांजगीर जिलांतर्गत पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम झूलन पकरिया निवासी कृष्ण कुमार वैष्णव दर्द से कराहती अपनी पत्नी २५ वर्षीया पत्नी ममता को लेकर शनिवार को कलेक्टोरेट पहुंचा था। कृष्णकुमार ने कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह से भेंटकर उन्हें बताया कि १५ दिन पहले उसने पेट में दर्द होने पर अपनी गर्भवती पत्नी ममता को सिम्स में भर्ती कराया था, तब उसने वार्ड में गरीबी रेखा के कार्ड की फोटोप्रति भी जमा की थी।

आपरेशन के बाद उसके पेट से मृत बच्चे को निकाला गया कृष्ण कुमार ने विभिन्न टेस्ट की रसीद दिखाकर बताया जिसमें एक निजी नर्सिग होम से जांच कराने की रसीद थी। कलेक्ट्रेट में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने मोबाइल से इसकी जानकारी एमएस डा.तिवारी को दी। उन्होंने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डा. डीआर पाटले की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जिसमें डा. बीआर नंदा व ब्लड बैंक के प्रभारी डा. आर्या भी शामिल हैं।

डा. तिवारी ने बताया कि पीड़ित महिला के पेट में मृत बच्चा था, जहर फैलने की आशंका के कारण आपरेशन कर बच्चे को निकाला गया। मरीज को महंगी दवाइयां लिखना व टेस्ट की रसीद कटवाना संवेदनहीनता का मामला है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल गांव व दूरस्थ जिले के अस्पतालों में मरीजों को बीपीएल कार्ड प्रस्तुत करने के बाद क्या और कैसे चिकित्सा सुविधा मिलेगी यह उजागर हो गया है।

मंत्री के आदेश का भी नहीं खौफ
एक तरफ स्वास्थ्य एवं नगरीय कल्याण मंत्री अमर अग्रवाल सभा समारोह में बीपीएल राशन कार्ड की महत्ता बताते हुए यह दावा करते फिर रहे हैं, कि २२ हजार गरीबों को राशन कार्ड जारी किया गया है।

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले कार्ड धारियों को सिर्फ चावल ही नहीं इसे प्रस्तुत करने पर सरकारी अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा व दवाइयां भी दी जाएंगी। संभागीय मुख्यालय के सबसे बड़े सिम्स अस्पताल में जब ऐन चुनाव के वक्त गरीबों को उनके गृह नगर में रकम के अभाव में अस्पताल से बाहर किया जा रहा है।





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