अमृतसर. अब हाउस टैक्स न देने वालों की शामत आएगी। नगर निगम कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने हाउस टैक्स विभाग पर शिकंजा कस दिया है। आमदन बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग में तैनात दो सुपरिंटैंडेंटों के अतिरिक्त आठ और सुपरिटैंडेंटों की ड्यूटी लगा दी गई है। हालांकि इनका काम बिना असैसमेंट वाली इमारत की रिपोर्ट तैयार करके देना ही होगा, पर कमिश्नर के आर्डरों के बाद विभागीय इंस्पैक्टरों में हड़कंप मच गया है।
सुपरिंटैंडेंट अश्विनी सहगल को डिवीजन नंबर 1, 11 और 12, लवलीन शर्मा को 2, 7, 5, काबुल सिंह को 4, 6, 8, 21, भवानी शंकर को 7, 9, 10, 20, रणजीत सिंह को 17ए, 13 बी, 13 सी, हंसराज सिंह को 1, 22, 23, सुखदेव सिंह को 15ए, 15बी, 16 और राजिंदर शर्मा को 17, 18 और 19 का चार्ज सौंपा गया है।
इन सभी को अपनी-अपनी बिना असैसमेंट की कमर्शियल इमारतों की रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि टैक्स रिकवरी के काम को पहले से तैनात सुपरिंटैंडेंट ही करेंगे।
खुलेगी कई इंस्पैक्टरों की पोल
कमिश्नर के आर्डरों के बाद इंस्पैक्टरों में हड़कंप का आलम है। निगम सूत्रों की मानें तो इंस्पैक्टरों ने आपसी सैटलमेंट से कई इमारतों की असैसमेंट नहीं की हुई है। इसकी एवज में मिलने वाला पैसा उनकी जेबों में जाता है, जबकि निगम को चूना लग रहा है। ऐसे कमर्शियल विभागों की भी कोई कमी नहीं है, जिसकी प्रॉपर असैसमेंट तक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार कमिश्नर ने ऐसा कर हाउस टैक्स सुपरिंटैंडेंट दलजीत सिंह और सुशांत भाटिया के अलावा लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात इंस्पैक्टरों के पर कतरने का काम किया है।
सरकार ने हाउस टैक्स के वार्षिक टारगेट को 9.5 करोड़ से बढ़ाकर 12.75 करोड़ कर दिया है। आमदनी बढ़ाने और कोई कमर्शियल विभाग बिना असैसमेंट के न रहे, इसलिए दो सुपरिंटैंडेंटों के अलावा अतिरिक्त आठ सुपरिंटैंडेंटों की ड्यूटी डिवीजन अनुसार लगाई गई है। रिपोर्ट तैयार करने को कह दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डीपीएस खरबंदा, कमिश्नर