जसिया (रोहतक). रोहतक के जसिया गांव का ‘लाल’ रणदीप हुड्डा एक बार फिर बॉलीवुड में छाने को तैयार है। ‘डी’ फेम रणदीप की नई फिल्म ‘रू-ब-रू’ शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को लेकर जसिया के लोगों में खासा उत्साह है। रणदीप के परिजन भी फूले नहीं समा रहे हैं।
किसान परिवार के रणदीप ने स्पोट््र्स स्कूल (सोनीपत) और डीपीएस स्कूल आरकेपुरम दिल्ली में अपनी पढ़ाई की। इसके बाद १९९५ में उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया गया। २क्क्क् में लौटने पर थिएटर से जुड़ने के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
२क्क्१ में ‘मानसून वेडिंग’ में उसे पहला रोल मिला। इसके बाद बड़े प्रोजेक्ट के लिए उसे चार साल तक इंतजार करना पड़ा। २क्क्५ में रणदीप ने रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘डी’ में गैंगस्टर की भूमिका निभाई। इसके बाद ‘लव गेम’, ‘रिस्क’ व ‘डरना जरूरी है’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नाज है:
ग्रामीण राजेश, कुलवंत, सुनील, नफे व दयाचंद ने बताया कि उन्हें रणदीप पर नाज है। गांव का नाम उसने देश में चमकाया है। वे उसकी हर फिल्म देखते हैं।
मार्च में गांव आया था:
रणदीप इस साल आठ मार्च को अपने चचेरे भाई मंदीप हुड्डा की शादी में गांव आया था। अंकल मुल्तान सिंह, आंटी संतोष, बहन ममता और भाभी ममता कहती हैं कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि उनके परिवार का सदस्य बॉलीवुड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहा है।
मेरा तो सीना चौड़ा कर दिया
उम्र के ८क् बसंत देख चुकी दादी नंदकौर कहती है कि वह सत्तू (रणदीप) को बॉलीवुड में ऊंचाइयां छूते देख बेहद खुश हैं। उसने मेरा सीना चौड़ा कर दिया है। सत्तू फोन पर मेरा हालचाल पूछता रहता है। वह मिट्टी की भाषा नहीं भूला। उसने कई बार कहा- दादी मुंबई आ जाओ, लेकिन मेरा शहर में दिल नहीं लगता।
चूरमा और आलू की चटनी पसंद
बकौल दादी रणदीप को चूरमा और आलू की चटनी बेहद पसंद है। गांव आने से पहले ही वह बता देता है व घरवाले उसका मनपसंद व्यंजन तैयार करते हैं। गांव में वह सबको गले लगाता है और हमेशा हंसकर बातें करता है।