गुहला-चीका (कैथल).
स्पेन में ही सुखविंद्र का दाह संस्कार करने के लिए 25 दिनों के बाद भी उसके पिता सुरजीत व पत्नी मनजीत कौर को वीजा नहीं मिल पाया है। स्पेन एंबेसी के अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण एक बार फिर वीजा प्रक्रिया अटक गई है।
दिल्ली से लौटे सुखविंद्र के पिता सुरजीत ¨सह ने बताया कि चंडीगढ़ से रेजीडेंट सर्टिफिकेट के कागजों पर साइन होने के बाद वह 10 सितंबर को दिल्ली के पटियाला हाउस गया था। अफसरों ने वहां सुखविंद्र के स्पेन का स्थाई निवासी होने के कागजातों पर साइन तो कर दिए, लेकिन विदेश मंत्रालय से उन्हें वीजा हासिल करने में कोई मदद नहीं मिली। ि
वदेश मंत्रालय ने कहा कि स्पेन एंबेसी सिफारिश नहीं मानती। उन्होंने उसे स्पेन एंबेसी को ई-मेल कर मामले से अवगत कराने की सलाह दी है। सुरजीत ¨सह ने बताया कि उनके वीजा संबंधी अधिकतर कागजात पूरे हैं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पा रहा है।
सदमे में है परिवार :
सुखविंद्र की मौत की खबर के बाद परिवार सदमे में हैं। बेबस मनजीत पति सुख¨वद्र की फोटो को निहारती रहती है।