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बामुलाहिजा होशियार!

अजमेर. साल भर पहले माहे रमजान के दौरान ही दरगाह में ब्लास्ट हुआ था। इस बीच आतंकियों ने जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरू के बाद एक बार फिर देश की राजधानी दिल्ली को अपना निशाना बनाया है।

जहां जहां पर ब्लास्ट हुए वो सारी भीड़ भड़क्के वाली व्यस्त जगहें थीं। बदला हुआ था तो ब्लास्ट का सिर्फ तौर-तरीका। इस बार सड़कों के किनारे पड़े डस्टबिन आतंक का ठिकाना थे। शनिवार को कूड़े-कचरे के इन डिब्बों में से निकली मौत।

दैनिक भास्कर ने पहल की कि देश में लगातार हो रही आतंकी गतिविधियों पर नसीहत लेते हुए शहर के प्रबुद्ध लोग खुद को, शहर को, किस तरह सावचेत करें। क्या जतन करें कि शहर में बनी रहे शांति, न गुल हो यहां का चैन-ओ-अमन। न छिने यहां का सुकून। आम आदमी क्या करे, क्या न करे कि यहां फिर कोई धमाका नहीं हो। किसी वारदात को अंजाम देने से पहले ही आतंकी बेनकाब हो जाएं।

हर पल रहना होगा सावचेत...

कठोर कानून लागू हो
भाजपा आतंकवाद पर कठोर कानून लागू करने की हामी है। केन्द्र सरकार के दो मंत्री सिमी जैसी संस्थाओं की पैरवी कर रहे हैं। संसद पर हमला करने वाले अफजल को फांसी की सजा होने के बावजूद उसे बचाया जा रहा है। जब तक आतंकवादियों को सरकार सख्त मैसेज नहीं देगी, वो इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देते रहेंगे। आम नागरिकों को अब सरकार की नीतियों के खिलाफ खुलकर सामने आना चाहिए।
-धर्मेद्र गहलोत,महापौर, अजमेर नगर निगम

सूचना तंत्र विफल
सिक्योरिटी टोटल फेलियोर है। घटना के बाद खुफिया तंत्र की प्रतिक्रिया आती है कि हमने तो पहले ही बता दिया था। यह ठीक वैसे ही जैसी मौसम विभाग की चेतावनी। कितने ही प्रदेशों में हो चुके हैं धमाके। यह नेशनल इश्यू है और हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे पर सामना करने के लिए कोई सख्त कानून नहीं है। अकेले टाडा कानून ने आतंक की जड़ें खोद डाली थीं। टाडा नहीं तो कोई और कानून बने। राजनीतिक नफे नुकसान को ताक में रख कर पुलिस को फ्री हैंड देना होगा।
-राजेश टंडन, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

केंद्र की ढुलमुल नीति
दहशतगर्र्दो के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत है। केंद्र सरकार के आतंक के प्रति नरम रवैये से दहशतगर्र्दो का हौसला दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। एनडीए सरकार ने पोटा जैसे सख्त कानून का लागू करने की पुरजोर पैरवी की। केंद्र सरकार के सहयोगी जिस तरह खुले आम सिमी जैसे संगठनों की पैरवी कर रहे हैं उससे आतंकियों के मंसूबे और मजबूत हो रहे हैं। सभी दलों को निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।
-अरविंद यादव, उपाध्यक्ष, शहर भाजपा

आतंकियों का हौसला बढ़ा
वर्तमान हालात में आतंकियों का हौसला बढ़ा है। इसके खिलाफ लड़ाई के लिए प्रशासन व आमजन में सामंजस्य स्थापित करने के साथ-साथ ुखुफिया तंत्र को मजबूत बनाना होगा। हमारा यह अनुभव रहा है कि एक घटना होती है उसकी कुछ दिन चर्चा होती है और फिर उसे भुला दिया जाता है। पूरा तंत्र एक बार अलर्ट होता है और फिर उसी पुराने र्ढे पर लौटा जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आतंक की जड़ को खोजकर उसका समूल नाश करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
-सत्यकिशोर सक्सेना, वरिष्ठ अधिवक्ता





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