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चिकित्सा व्यवस्था ठप

जोधपुर. छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में पे-बैंड तीन में शामिल किए जाने की मांग को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर चले गए। इससे तीनों सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई।

अधिकांश ऑपरेशन नहीं हो पाए। आपातकालीन वार्डे में भीड़ रही। आउटडोर में 11 बजे के बाद में मरीजों की कतारें देखी गई। कई मरीजों को अस्पताल में जगह नहीं मिली तो गैलरी में परेशान होते रहे। बाद में 2 बजे आउटडोर में उनको सेवाएं मिली। हालांकि मेडिकल अफसर व वरिष्ठ चिकित्सकों ने अस्पतालों की बागडोर संभाली, लेकिन रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी खली। जोधपुर में 116 रेजिडेंट्स डॉक्टर में से 25 इन सर्विस रेजिडेंट्स हड़ताल से दूर रहे। इन सभी को पे बैंड श्रंखला का वेतन मिल रहा है।

एमजीएच: महात्मा गांधी अस्पताल में सवेरे रेजिडेंट डॉक्टर्स ने सेवाएं दी लेकिन 11 बजे बाद हड़ताल पर उतर गए। इसके बाद अस्पताल में व्यवस्था चरमरा गई। थिएटर में कुछ जटिल ऑपरेशन ही हुए। 9 बजे अस्पताल में बिजली गुल हो गई जो ढाई घंटे बाद लौटी। तब तक जनरेटर शुरू न होने से सर्जिकल यूनिट में मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। जैसे ही 2 बजे आउटडोर बंद हुआ व एमरजेंसी खुली, मरीजों की भीड़ हो गई। उनका बमुश्किल उपचार हो पाया। एमजीएच में शनिवार को 553 मरीज आए।

एमडीएम: मथुरादास माथुर अस्पताल में हड़ताल का असर रहा, मरीज व उनके परिजन भटकते रहे। आउटडोर में कम ही मरीजों की बारी आई। औसतन एमडीएम में 300 रोगी आते हैं। आज 250 के करीब रोगी आए। ट्रोमा सेंटर में अफरा-तफरी रही। खून से सने रोगियों को तो उपचार तो मिला, लेकिन कई रोगी तड़फते रहे। यहां पर भी चिकित्सा अधिकारियों व वरिष्ठ चिकित्सकों ने जिम्मा संभाला, लेकिन व्यवस्थाएं चरमरा ही गई।

उम्मेद अस्पताल: संभाग के प्रमुख प्रसूता व शिशु रोग केंद्र में सबसे ज्यादा परेशानी दिखी। लेबर रूम में भी व्यवस्था लड़खड़ा गई। रेजीडेंट डॉक्टर्स थोड़ी देर आए और हड़ताल की घोषणा हो गई। इसके बाद प्रसूताओं की जांच नहीं के बराबर हुई। प्रसव भी हुए तो वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में। लेबर रूम के बाहर परिजन चिंतित नजर आए। शिशु वार्ड में भी खराब हालत हो गई। गोद में बच्चों को लिए मां की पीड़ा असहनीय दिखी। अमरजेंसी खुलने के बाद भी उपचार मुश्किल से मिला।

छठे वेतन आयोग में हमको सही पे बैंड नहीं मिले तो 8 से 10 हजार का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसी मांग को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर उतरे हैं। जोधपुर में 116 रेजिडेंट्स डॉक्टर्स में से 25 को छोड़ कर सभी हड़ताल में शामिल हो गए। संविदा चिकित्साकर्मी भी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं तथा सीनियर रेजिडेंट्स भी समर्थन जुटाने के पक्ष में हैं।
—डॉ. रामेश्वर, अध्यक्ष रेजिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन

एमडीएम अस्पताल में 4 सर्जन व 2 फीजिशियन मांगे
रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के मद्देनजर मथुरादास माथुर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए 4 सर्जन व 2 फीजिशियन मांगे गए हैं। संयुक्त निदेशक चिकित्सा सेवा डॉ.एएस भाटी ने बताया कि मांग के बाद हमने दो सर्जन व एक फीजिशियन उपलब्ध करा दिया हैं। मौजूदा समय में रामदेवरा मेले में चिकित्सकों की नियुक्ति के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





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