कोटा. दिल्ली में हुए बम धमाकों के बाद पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। बम निरोधक दस्ते को अलर्ट कर दिया गया है। सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जनता से भी संदिग्ध लोगों पर नजर रखने को कहा है।
अनंत चतुर्दशी पर्व के ठीक एक दिन पूर्व दिल्ली में सीरियल बम ब्लास्ट की घटना ने कोटा पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पिछले एक सप्ताह से सुरक्षा के इंतजाम करने में जुटे अधिकारियों ने इस घटना के बाद एक बार फिर पूरी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
एसपी विशाल बंसल के अनुसार जुलूस को लेकर सर्तकता बरती जा रही है। दिल्ली बम धमाकों के बाद बम डिस्पोजल टीम को और अधिक सतर्क कर दिया गया। जुलूस मार्ग की सघन जांच करने के साथ-साथ होटल, धर्मशालाओं व बस स्टैण्ड की भी चैंिकंग की जा रही है। सभी पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वे पूरी रात हर मार्ग पर आने-जाने वालों की चैकिंग करें। थोड़ा सा भी संशय होने पर उसकी पूरी तस्दीक करें।
होटल-धर्मशालाओं की चैकिंग
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस द्वारा शहर के समस्त होटलों व धर्मशालाओं की सघन चैकिंग की जा रही है। वहां ठहरने वालों से कड़ी पूछताछ कर उनके नाम-पते दर्ज किए जा रहे हैं।
अफवाहों से बचें
आईजी उत्कल रंजन साहू ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह से सावधान रहे। यदि कोई सूचना मिलती है तो उस पर विश्वास करने से पहले पुलिस कंट्रोल रूम 100, 2350777, 2350778 अथवा नजदीकी थाने से उसकी पुष्टि कर सही जानकारी प्राप्त करें।
स्टेशनों पर भी एहतियात
दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद कोटा रेल मंडल के स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ाई गई है। रेलवे सुरक्षा बल के सहायक कमाण्डेंट आर.सी.पी.गुप्ता ने बताया कि कोटा रेल मंडल के सवाईमाधोपुर, कोटा, गंगापुरसिटी, भरतपुर पोस्ट के प्रभारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्लेटफार्म पर गश्त बढ़ा दी गई है। प्लेटफार्म पर हरेक व्यक्ति को चैक किया जा रहा है। कोटा से होकर गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों को डॉग स्क्वायड से चैक किया जा रहा है। उधर, जीआरपी डिप्टी तृप्ति विजयवर्गीय ने बताया कि प्लेटफार्म पर गश्त बढ़ा दी गई है। प्लेटफार्म पर आने-जाने वाले व्यक्तियों पर निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह की व्यवस्था सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी में भी की गई है।
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों पर नजर
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। इन ट्रेनों में एस्कोर्टिग बढ़ा दी गई है। एस्कोर्टिग दस्ते में शामिल जवानों को पहले ही हैंड मैटल डिटेक्टर दिए जा चुके हैं। जिससे वह ट्रेनों को चेक कर सकें।