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Other Sports Other Sports बीजिंग.
ओलिंपिक मेरा पहला ओलिंपिक था और मैं उस दिन दबाव में आ गई और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी। वैसे में 60 मीटर चक्का फेंकती हूं और किसी प्रतिस्पर्धा में 63 मीटर फेंकने की क्षमता रखती हूं। लेकिन उस दिन ऐसा नहीं कर सकी। यह बात कही हैं भारतीय डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया का।
कृष्णा एशियन ऑल स्टार एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने भोपाल आई हुई हैं। उन्होंने बुधवार को तात्या टोपे स्टेडियम में जमकर अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कहा कि खिलाड़ी के लिए दिन विशेष होते हैं। कभी आपका दिन है तो आप सफल हो जाते हैं और कभी असफल भी। ओलिंपिक में भी मेरे साथ ऐसा ही हुआ। बीजिंग मेरा पहला ओलिंपिक था। इससे मुझे काफी सीखने को मिला। इसका फायदा मुझे आगे मिलेगा।
एशियन ऑल स्टार एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए तैयारी संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं अभी फिट नहीं थी। मुझे पीठ में कुछ तकलीफ रही है इसके लिए ज्यादा तैयारी नहीं की है। लेकिन देश में इतना बड़ी प्रतियोगिता हो रही हो तो मौका छोड़ना नहीं चाहिए।
यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूणिया कहती हैं कि मेरा खेल ट्रेक से जुड़ा नहीं है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बता पाऊंगी। यहां मैं दूसरी बार आ रही हूं। इससे पहले 1999 में भी नेशनल एथलेटिक्स के दौरान आई हूं। तब मेरी शुरुआत थी।