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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. मतदाता परिचय पत्र न होने पर मतदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग ने नियमों को शिथिल करते हुए वोटिंग के लिए ढेरों विकल्प दे दिए हैं। किसी तरह का विकल्प न होने की स्थिति में मतदाता पेंशन की पासबुक या जमीन का पट्टा भी दिखा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए परिचय पत्र अनिवार्य करते हुए फरमान जारी किया था कि इसके बगैर किसी भी मतदाता को वोटिंग करने नहीं दिया जाएगा। मतदाताओं द्वारा रुचि न लेने के कारण अमूमन सभी जिलों में मतदाताओं की फोटोग्राफी का आंकड़ा संतोषजनक स्थिति पर नहीं पहुंच पाया है। यदि ऐसे में आयोग के फरमान पर अमल किया जाता तो करीब 40 फीसदी मतदाता वोटिंग ही नहीं कर पाते। शायद यही वजह है कि आयोग ने नियमों को शिथिल करते हुए मतदाताओं को ढेरों विकल्प दे दिए। हर वर्ग के मतदाताओं के लिए ऐसे दस्तावेज तय कर दिए गए हैं, जो उनके पास उपलब्ध हों। मसलन, छात्र वोटिंग के लिए अपने कालेज से जारी परिचय पत्र और किसान बैंक का ऋण प्रमाण-पत्र दिखा सकेंगे।
इसी तरह वृद्ध या विधवाओं के लिए पेंशन पासबुक वोटिंग के अधिकार के लिए पर्याप्त होगा। आयकर, सर्विस आईकार्ड, प्रापर्टी के दस्तावेज, राशन कार्ड आदि मतदाताओं के पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे।
वर्ष 1995 से हो रही फोटोग्राफी के बाद जिले में अब तक 60 फीसदी मतदाताओं का ही परिचय पत्र बन सका है। जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों में 15 लाख से अधिक मतदाता हैं। परिचय पत्र के लिए फोटोग्राफी का काम वर्ष 1995 में शुरू किया गया था, तब जिले में 10 से 15 फीसदी फोटोग्राफी हुई थी। इसके बाद 2007 तक जैसे-तैसे यह आंकड़ा 44 फीसदी तक पहुंचाया गया।
निर्वाचन आयोग ने शत-प्रतिशत फोटोग्राफी करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन मतदाताओं की अरुचि और एजेंसियों की उदासीनता के कारण यह मुश्किल भरा काम है। पिछले दिनों फोटोग्राफी अभियान में खींची गई फोटो की मर्जिग का काम अभी भी जारी है। अब तक वितरित किए जा चुके परिचय पत्रों में बड़े पैमाने पर त्रुटियां हैं। दावा-आपत्ति के लिए बुलाई गई बैठक में त्रुटियों को लेकर नेताओं ने नाराजगी जताई थी।
इसमें अफसरों द्वारा बताया गया कि परिचय पत्र बनाने और त्रुटियां सुधारने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नया साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। इस साफ्टवेयर से मर्जिग का काम चल रहा है, लेकिन चुनाव तक शत-प्रतिशत फोटोग्राफी और मर्जिग हो पाना मुश्किल है।
उल्लेखनीय है कि मतदाताओं को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो देने की सुविधा भी इस बार दी गई थी। इसके बावजूद फोटो देने वाले मतदाताओं की संख्या कम ही है। सीधे मिली फोटो की मर्जिग महकमे की देखरेख में एनआईसी में करवाकर जल्द से जल्द परिचय पत्र उपलब्ध कराने की योजना थी, लेकिन अधिकांश मतदाता फोटोग्राफरों की राह तकते रह गए।
आयोग ने दिए ये विकल्प
>> पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का आईडी (पैन कार्ड)।
>> सर्विस आई कार्ड (शासकीय या पब्लिक लिमिटेड द्वारा जारी परिचय पत्र।
>> सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या पोस्ट आफिस की पासबुक।
>> शासकीय, निजी शैक्षणिक संस्था द्वारा जारी छात्र परिचय पत्र।
>> प्रापर्टी डाक्यूमेंट, पट्टा या रजिस्टर्ड लीज डीड।
>> सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन कार्ड।
>> अजा, जजा या पिछड़ा वर्ग के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण-पत्र।
>> पेंशन डाक्यूमेंट (पासबुक), पेमेंट आर्डर, वृद्धावस्था या विधवा पेंशन का कागज।
>> स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जारी किया गया परिचय पत्र।
>> हथियार का लाइसेंस।
>> सक्षम अधिकारी द्वारा जारी विकलांग प्रमाण-पत्र।
>> किसानों के लिए जारी किया गया किसान बचत पत्र।