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15 हजार ठग कर कहा- ठगे गए बच्चे

जालंधर. crime लगातार बढ़ते साइबर क्राइम में लूट का एक और तरीका जुड़ गया। सोशल नेटवर्किग साइट पर सक्रिय गिरोह युवाओं को जाल में फंसाकर लूट रहे हैं। वेबसाइट पर दोस्ती के नाम पर लड़की ने एक युवक से न केवल 15 हजार रुपए ठग लिए बल्कि बाद में यह संदेश भी दिया, ‘ठगे गए बच्चे।’

कैसे, क्या हुआ : पीड़ित युवक ने बताया कि कुछ दिन पहले इंटरनेट पर चैटिंग के दौरान एक युवती से उसकी दोस्ती हुई, बात शादी तक जा पहुंची। एक दिन लड़की ने संदेश दिया कि स्कूल की फीस के रुपए कहीं गिर गए इसलिए उसे 15 हजार रुपए चाहिए।

इतनी अधिक फीस पर शक जताने पर लड़की ने बताया कि फीस तो कम थी लेकिन रुपए ज्यादा गिरे हैं। अगले दिन लड़की के कहे मुताबिक लड़के ने कॉलेज के बाहर पिंक सूट में खड़ी लड़की को 15 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद लड़की ने चैटिंग और बात करना बंद कर दिया। दो दिन बाद चैटिंग हुई तो लड़की ने मैसेज भेजा कि ‘ठगे गए बच्चे’।

दोस्त बनाने का भूत सवार : युवा वर्ग रोजाना 24 घंटे में से कम से कम 5 घंटे इंटरनेट का प्रयोग करता है। ‘ओ’ नामक वेबसाइट आजकल जोरों पर चल रही है। नए दोस्त की तलाश में युवा बिना देखे युवतियों के अकाउंट में पैसे भी धड़ाधड़ डलवा रहे हैं। चैटिंग में दूसरी तरफ कौन है यह देखना मुमकिन नहीं। ऐसे में गिरोह के सदस्य लड़कियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनवाकर युवाओं को ठग रहे हैं।

साइबर क्राइम और भी
>> पिछले दिनों एपीजे कॉलेज की लैक्चरर मनु कुमारी के क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपए की शापिंग कर ली गई थी।
>> नकोदर के रिटायर्ड बैंक मैनेजर मोदी के एटीएम कार्ड से करीब पांच लाख रुपए कैश हो गए थे।

जिसके साथ भी ऐसी ठगी हुई है,वह खुद ही सबसे बड़ा बेवकूफ है। फिर भी वह पुलिस को शिकायत कर सकता है। पुलिस पार्टी जाल बिछाकर गिरोह को दबोचेगी।
-डॉ. एस.के. कालिया, एसपी सिटी वन (जालंधर)

ऐसी वेबसाइट पर पाबंदी लगा देनी चाहिए, नहीं तो और भी युवा इनके शिकार होंगे।
-रेशम सिंह (पूर्व आईपीएस अधिकारी)





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