bhaskar Web English
HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

यह सौदा महंगा नहीं

ग्वालियर. पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से तेल कंपनियों व सरकार को लाखों डॉलर का फायदा होगा। अकेले ग्वालियर शहर में रोजाना सात हजार लीटर पेट्रोल बचेगा।

हालांकि कुछ विशेषज्ञ डॉलर की बचत के लिए इस निर्णय से वाहनों और वाहन चालकों के लिए नुकसान होने की आशंका जता रहे हैं। जबकि अधिकतर लोग इथेनॉल को व्हीकल और पर्यावरण के साथ ही इकोनॉमी के लिए भी बेहतर बता रहे हैं।

दस फीसदी इथेनॉल मिला पेट्रोल अगले एक-दो महीने में पेट्रोल पंपों पर मिलने लगेगा। वर्ष 2017 तक पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी कर दी जाएगी। इसके लिए कैबिनेट की बैठक में बायोफ्यूल पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है। अभी पेट्रोल पंपों पर पांच प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल बेचा जा रहा है।

तेल कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक शहर में प्रतिदिन एक लाख पचास हजार लीटर पेट्रोल की खपत होती है। पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 10 प्रतिशत हो जाने के बाद शहर में प्रतिदिन साढ़े सात हजार लीटर पेट्रोल की बचत होगी। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक इससे पेट्रोल की मात्रा बढ़ेगी जिससे इसकी आपूर्ति में बार-बार आने वाली बाधा दूर होगी व इसकी आपूर्ति सुचारु रूप से हो सकेगी।

क्या है इथेनॉल
इथेनॉल एल्कोहलिक ग्रुप है। इसे एथिल एल्कोहल, ग्रेन एल्कोहल और ड्रिकिंग एल्कोहल के नाम से भी जाना जाता है, जो रंगहीन लिक्विड होता है। इथेनॉल गन्ने और रसायनों के सम्मिश्रण से बनता है। इथेनॉल मिक्स पेट्रोल को गैसोहोल कहा जाता है, जिसमें 5 प्रतिशत इथेनॉल और 95 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है।

खराब न हो जाए गाड़ी
साकेत नगर में रहने वाले आरके गोयल कहते हैं कि इथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ी खराब नहीं होगी इसकी क्या गारंटी है? जब गाड़ी बनी थी तब इसका इंजन पेट्रोल के हिसाब से डिजायन किया गया था और अब पेट्रोल में इथेनॉल मिला रहे हैं तो इंजन पर जरूर ही असर पड़ेगा।

गाड़ियों पर असर
>> इथेनॉल की आक्टेन वेल्यू जो किसी भी ईधन को जलाने में सहायक होती है पेट्रोल से 50 फीसदी कम होने के कारण गाड़ी का एवरेज कम होगा।
>> पावर बीएचपी और फ्यूल सिस्टम को नुकसान होगा।
>> फ्यूल की सप्लाई के दौरान संपर्क में आने वाले रबर एवं प्लास्टिक पार्ट्स को नुकसान होगा।
>> मैटल फ्रेंडली न होने से ईधन की क्षमता पर असर पड़ेगा।
>> धीरे-धीरे वाहन की ओवरऑल परफार्मेस प्रभावित होगी।

क्वालिटी पर असर नहीं
इथेनॉल के मिश्रण से पेट्रोल की क्वालिटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह एक एल्कोहलिक ग्रुप है और इसकी मात्रा भी काफी कम है जो कि पेट्रोल में पूरी तरह घुल जाता है। ब्राजील आदि देशों में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जा रहा है और काफी रिसर्च के बाद ही सरकार ने इसकी मात्रा बढ़ाने की अनुमति दी है। इसलिए इथेनॉल से वाहनों को होने वाले नुकसान की बात एकदम निराधार है।
- पंकज जटारिया, एरिया सेल्स मैनेजर हिन्दुस्तान पेट्रोलियम

ईको फ्रेंडली है इथेनॉल
इथेनॉल एक ईको फ्रेंडली प्रोडक्ट है। इसके प्रयोग से गाड़ी के इंजन या फिर पर्यावरण पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके उपयोग से पेट्रोल की कमी के साथ ही उसके बढ़ते दामों से भी छुटकारा मिलेगा।
- सोहन सिंह चौहान, ऑटोमोबाइल इंजीनियर





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: