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हाजिरी कम होने पर रुकेगी वेतनवृद्धि

शिवपुरी. जिले में कम हाजिरी वाले स्कूलों के कक्षा अध्यापकों को अब बख्शा नहीं जाएगा। बतौर सजा उनकी वेतन वृद्धियां रोकी जाएगी। इतना ही नहीं हाजिरी कम होने के मामले में संविदा शाला शिक्षकों को भी सजा दी जाएगी और हाजिरी कम होने पर उनके नियमितीकरण को भी लटकाकर क्रमश: एक दो और तीन वर्ष बाद किया जाएगा।

यह बात ब्लाक शिक्षाधिकारियों की बैठक में जिला शिक्षाधिकारी मोहर सिंह सिकरवार ने कही। श्री सिकरवार सोमवार को दोपहर जिले के चार ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के सहायक संचालक बीके गोयल, कोलारस के ब्लाक शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र अटारिया, नरवर बीईओ भोला सिंह श्याम, करैरा के प्रभारी बीईओ महेश्वर शरण पंसारी एवं पोहरी बीईओ समेत तीन ब्लाकों के करीब ढाई दर्जन हायर सेकंडरी और हाईस्कूल के प्राचार्य मौजूद थे।

बैठक में साइकिल, किताबा का वितरण, संबंधित ब्लाकों के स्कूलों में शौचालय, स्कूलों की जमीन के नामांतरण समेत कुल दस मामलों पर चर्चा की गई। साथ ही उन्होंने बीईओ और प्राचार्यो की समस्याएं भी सुनी। बैठक को संबोधित करते हुए जिला शिक्षाधिकारी श्री सिकरवार ने कहा कि अब ऐसे स्कूलों के कक्ष अध्यापकों को कतई नहीं बख्शा जाएगा, जिनकी कक्षाओं में कम उपस्थिति पाई जाएगी।

एक आदेश जारी करते हुए श्री सिकरवार ने कहा कि जिसकी कक्षा में विद्यार्थियों की हाजिरी 80 फीसदी से कम रहेगी, उसके कक्षा अध्यापक की बतौर सजा एक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी, वहीं 70 फीसदी से कम पर दो और 60 एवं 50 फीसदी के बीच हाजिरी वाले कक्षा अध्यापकों की तीन वेतनवृद्धि रोकी जाएगी।

संविदा शिक्षकों को भी मिलेगी सजा
स्कूलों में पदस्थ ऐसे संविदा शिक्षकों को भी सजा दी जाएगी, जिनकी कक्षाओं में हाजिरी कम होगी। जारी किए गए आदेश में डीईओ ने कहा कि विद्यार्थियों की कक्षा में 80 फीसदी से कम हाजिरी होने पर संबंधित संविदा शाला शिक्षक को एक वर्ष बाद नियमित किया जाएगा। इसके अलावा 70 से 60 फीसदी वाले शिक्षकों को नियमितीकरण का लाभ दो वर्ष बाद और 60 से 50 के बीच रहने वाली हाजिरी पर संविदा शाला शिक्षक को नियमितीकरण का लाभ तीन वर्ष बाद दिया जाएगा। इससे कम हाजिरी होने पर संविदा शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





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