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Chhattisgarh
Raipur Raipur कोरबा. पचमढ़ी के कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली कोरबा की छात्रा श्रुतिगरिमा हिल की भोपाल में हत्या हो गई। हत्या के आरोपी गांधी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस छात्र चंद्रेश मस्कोले ने श्रुति का शव पचमढ़ी की खाई में फेंक दिया था।
पुलिस के अनुसार चंद्रेश की निशानदेही पर सोमवार को खाई से छात्रा का शव बरामद कर लिया गया। गौरतलब है कि कोरबा की ही साफ्टवेयर इंजीनियर मेघना सूभेदार भी संदिग्ध परिस्थिति में मुंबई से कुछ महीने पहले लापता हो गई। उसका अब तक अता-पता नहीं चला है।
छात्रा की हत्या 19 सितंबर को हुई थी। हत्या का खुलासा रविवार 21 सितंबर को हुआ, जब एक व्यक्ति ने भोपाल के आईजी डा. शैलेंद्र श्रीवास्तव को फोन पर सूचना दी कि चंद्रेश ने उनकी कार पचमढ़ी जाने के लिए किराए पर ली थी। रास्ते में उसने एक बेडिंग कार से निकालकर खाई में फेंकी। ड्राइवर को शक था कि उसमें लाश थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और उसने चंद्रेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। कुछ ही देर में वह टूट गया और छात्रा की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पचमढ़ी के मेथोडेक्स मिशनरी स्कूल में 12 वीं कक्षा की छात्रा श्रृतिगरिमा का परिचय कुछ दिन पहले ही इस चिकित्सा छात्र से हुआ था। तबियत खराब होने पर उसे भोपाल के मेडिकल कालेज अस्पताल में एडमिट किया गया था, वहां उसकी मुलाकात चंद्रेश से हो गई। उसके बाद से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। गत 19 सितंबर को वह चंद्रेश से मिलने भोपाल पहुंच गई। उसे साथ में लेकर चंद्रेश हास्टल में आया और कमरे में उसकी गला दबाकर हत्या कर डाली। हत्या का कारण अस्पष्ट है।
चंद्रेश बालाघाट का रहने वाला है। हत्या की सूचना के बाद कोरबा में रहने वाला श्रुति का परिवार सकते में है। छात्रा के पिता जीएस हिल मूलत: जगदलपुर के रहने वाले हैं, जो विवाह के बाद पचमढ़ी में स्थानांतरित हो गए थे।
गाजियाबाद की रहने वाली उनकी पत्नी स्वर्णलता पचमढ़ी मैथोडेक्स स्कूल में प्रिंसिपल थीं। सवा साल पहले कैंसर से स्वर्णलता की मौत के बाद पूरा परिवार कोरबा में आ गया। श्रुति के भाई वरुण ने बताया कि छात्रा को पिछले साल कोरबा के कान्वेंट स्कूल में भर्ती किया गया था, लेकिन वह फेल हो गई। उसके बाद उसे पढ़ाई के लिए पचमढ़ी के स्कूल में भेजा गया था।
वरुण का कहना है कि उसकी बहन का चंद्रेश से कैसे परिचय हुआ और वह हत्या के पहले पचमढ़ी से भोपाल कैसे पहुंची समझ में नहीं आ रहा। उनका चंद्रेश से परिचय भी नहीं है। परिवार के सदस्य पचमढ़ी रवाना हो गए हैं।