मुंबई.
पुलिस ने पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर मायानगरी में तबाही मचाने के आतंकियों के मनसूबों को नाकाम करने का दावा किया है। इनके पास से दस किलो जिलेटिन,15 डिटोनेटर एवं मशीनगन व रिवाल्वर सहित बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त हसन गफूर एवं क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त राकेश मारिया ने बताया कि ये गिरफ्तारियां मुंबई तथा इससे लगे ठाणो जिले के चीता कैंप, भिवंडी एवं मुंब्रा आदि स्थानों से की गई हैं।
आतंक के पांच नए नाम
1. मोहम्मद सादिक इसरार अहमद शेख, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
2. मोहम्मद अफजल उस्मानी
3. मोहम्मद आरिफ बदर शेख, सर्किट बनाने में माहिर, पेशे से इलेक्ट्रीशियन
4. मोहम्मद जाकिर शेख, कबाड़ का कारोबारी
5. मोहम्मद अंसार शेख, साफ्टवेयर इंजीनियर
पुलिस के मुताबिक ये अहमदाबाद एवं दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी वारदातों में भी शामिल रहे हैं।
आईएम का संस्थापक सदस्य:
पांचों संदिग्ध उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के हैं। इनमें से एक मोहम्मद सादिक शेख इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापक सदस्यों में से एक है। अहमदाबाद विस्फोट एवं सूरत में बम रखने के लिए नवी मुंबई से कारें चुराने में इनकी प्रमुख भूमिका थी।
सभी विस्फोटों में शामिल :
ये सभी देश में 2005 से हुए सभी विस्फोटों में शामिल थे। इनमें 2006 में मुंबई में ट्रेनों में हुए विस्फोट भी शामिल हैं।
पाकिस्तान में ट्रेनिंग :
इन संदिग्धों में से एक अफजल उस्मानी ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में बम रखा था और धमाकों में इस्तेमाल की गई कारें भी चुराई थीं। पांचों ने पाकिस्तान में बम धमाकों की ट्रेनिंग ली थी।
आईएम पर रजा का कंट्रोल :
पाक स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से इनके संबंधों के भी सबूत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन का नियंत्रण आमिर रजा नामक आतंकी के हाथों में है और वह फिलहाल पाकिस्तान में है। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के कारण ये गिरफ्तारियां संभव हुई हैं।