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Other Sports Other Sports चंडीगढ़.
पिछले कुछ दिनों मैं वो सब पढ़कर उदास हुआ हूं जो मेरे बारे में छपा। मैं उस तरह का इंसान नहीं हूं जो विवादों को पंसद करता हो, अहसानफरामोश हो और सफलता जिसके सिर चढ़ बैठे....तो यह हैं अभिनव बिंद्रा जो ब्लॉग पर अपना दुख बांट रहे हैं साथी ब्लॉगर्स के साथ।
20 अगस्त की रात लिखी पोस्ट में वे आगे कहते हैं-रिकॉर्ड बनाने के लिए जिस भी संस्था या व्यक्ति ने मुझे सहयोग दिया मैं उनका आभारी हूं, और व्यवस्था में शामिल उन लोगों का ज्यादा आभारी हूं जिन्हें मेरी योग्यता पर विश्वास नहीं था। वास्तव में ऐसे लोगों की प्रेरणा से ही मैं खुद को साबित करने में कामयाब हो सका।
गोल्डन शूटर अभिनव बिंद्रा पर पिछले दिनों अहसानफरामोश होने का आरोप लगा और बाद में उन्होंने साफ किया वे किसी भी तरह से अहसानफरामोश नहीं हैं और उस सभी के लिए तहेदिल से शुक्रगुजार हैं जो उनकी उपलब्धि का कारण बने हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने दिल खोलकर रख दिया और कहा-मेरे यह सब कह देने से शायद अब इस विवाद का अंत हो जाए और हम खेल को विकसित करने की ओर ध्यान दे सकें।
बीजिंग से लौटने के बाद अभिनव का ब्लॉग खूब चर्चित हुआ और लोगों ने शुभकामनाओं के अलावा सुझाव देना भी शुरू किया कमेंट्स के जरिए। इस बीच अभिनव ब्लॉगिंग में बेशक रेगुलर न रह सके हों लेकिन बीच-बीच में वक्त निकालकर अपने प्रशसंकों के लिए लिखते रहे। ताजा पोस्ट में वे कहते हैं-मैं इस बात पर कायम हूं कि हमारे खिलाड़ी बेहतरीन सुविधाओं के हकदार हैं।
फैडरेशन के खिलाफ नहीं
मैं किसी व्यक्ति या फैडरेशन के खिलाफ नहीं हूं लेकिन यह कहूंगा कि हर फैडरेशन को प्रोफेशनल और प्रभावी तरीके से काम करना चाहिए जिससे खिलाड़ी अपना पूरा ध्यान खेल पर लगा सकें। फैडरेशन्स का काम ही यही है आखिर खिलाड़ियों के कारण ही तो फैडरेशन्स हैं।
साथी ब्लॉगर्स सलाह देते हैं कि
अभिनव की इस बात पर उनके साथी ब्लॉगर्स सलाह देते हैं कि वे जूनियर शूटर्स के लिए जो करना चाहते हैं उस लक्ष्य पर ध्यान दें इन विवादों पर नहीं। विकी कहते हैं-हम इस विवाद की बातों पर विश्वास ही नहीं करते। हम खुश हैं कि आप जूनियर्स के लिए कुछ करना चाहते हैं।
रश्मि भी उनकी बात से सहमत हैं और अभिनव को विवाद पर जरा भी ध्यान देने को कहती हैं। कुल मिलाकर इन सबके तेवर दिल पे मत ले यार वाले हैं और वे सब चाहते हैं कि विवादों में फंसकर अभिनव अपने फोकस से न भटकें।