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बीएसएफ में जवानों की कमी

जालंधर घुसपैठ व आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए बीएसएफ के पास फोर्स की कमी है। बीएसएफ के डीजी ए. के. मित्रा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में इसे बीएसएफ की नाकामी माना। उन्होंने कहा कि सीमा को पूरी तरह से सील न किए जाने के चलते ही हेरोइन, हथियारों और जाली करंसी की तस्करी जारी है।

डीजी ने कहा कि इस बारे में सरकार को 49 नई बटालियन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, इसके लिए गृह विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन इसके लिए प्रक्रिया काफी लंबी है।

नई बटालियन बनने में तीन-चार साल लग जाएंगे। बीएसएफ ने फोन टेप करने की अनुमति भी गृह विभाग से मांगी थी पर नहीं दी गई। इसके बिना सूचनाएं मिलना मुश्किल है।

चुनावों में बढ़ेंगी चुनौतियां: मित्रा ने कहा कि अभी दो-तीन माह बाद देश में लोकसभा चुनाव आ जाएंगे, जिसके चलते फोर्स को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया जाएगा। सर्दी के मौसम में सीमा पार से तस्करी की संभावना बढ़ सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों में तालमेल की कमी : मित्रा ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां तस्करों और दूसरे अपराधियों से हुई पूछताछ की जानकारी बीएसएफ को समय पर नहीं देती।

इस बारे में गृह विभाग को कई बार आग्रह किया जा चुका है। उन्होंने माना कि सुरक्षा एजेंसियों में तालमेल का अभाव है। मित्रा ने कहा कि अब बांग्लादेश से वीजा लेकर आने वाले बांग्लादेशी यहां आकर गायब हो रहे हैं। इस साल अब तक 800 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है। पंजाब में सीमा पर खेती करने वाले किसानों को थोड़ी राहत देते हुए कंटीली तारों को कुछ स्थानों पर थोड़ा आगे करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

जाली करंसी को मिल रहा है बढ़ावा

मित्रा ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद बढ़ने के कारण अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।आईएसआई देश में आर्थिक आतंकवाद फैलाने के लिए जाली करंसी को बढ़ावा दे रही है। इससे पूर्व उन्होंने बीएसएफ के जवानों की समस्याओं को सुना और उनका हल निकालने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उनके साथ आईजी पंजाब हिम्मत सिंह भी उपस्थित थे।





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