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देश में एक हजार अरबपति, सवा लाख हुए करोड़पति

मुंबईभारत में वर्ष 2007 में करोड़पतियों की संख्या में सबसे तेजी से इजाफा हुआ है। देश में अरबपतियों की संख्या भी 1081 तक पहुंच गई है।

मेरिल लिंच और केपजेमिनी की एशिया प्रशांत क्षेत्र की अमीरों से संबंधित तीसरी सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

भारतीय करोड़पतियों की कुल दौलत 25.7 फीसदी बढ़कर 440 अरब डॉलर हो गई। एशिया प्रशांत क्षेत्र की करोड़पतियों की कुल दौलत 9.5 खरब डॉलर हो गई, जो पिछले साल से 12.5 फीसदी ज्यादा रही और विश्व के करोड़पतियों की कुल दौलत का 23.3 फीसदी हिस्सा है।

इसके 2012 तक 13.9 खरब डॉलर होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में करोड़पतियों के मामले में एशिया प्रशांत क्षेत्र यूरोप को पछाड़ देगा।

अरबपति और उभरते करोड़पति भी बढ़े

तीन करोड़ डॉलर से ज्यादा दौलत वाले अल्ट्रा हाईनेटवर्थ दौलतमंदों में 16.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और इनकी संख्या पिछले साल 20,400 हो गई। जबकि विश्व में 8.8 की दर से अरबपति बढ़े।

इनकी कुल दौलत 27.1 फीसदी उछलकर पहली बार 100 अरब डॉलर को पार करके 116 अरब डॉलर तक पहुंच गई।

750,000 डॉलर से 10 लाख डॉलर की दौलत वाले इर्म्िजग हाईनेटवर्थ लोगों में 6.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि विश्व स्तर पर वृद्धि दर 5.2 रही। चीन में इस वर्ग के धनपतियों की संख्या 19.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी।

रिपोर्ट के मुताबिक तेज आर्थिक विस्तार, अधिक विदेशी निवेश और शेयर बाजार से हुए मुनाफे के चलते करोड़पतियों की संख्या जोरदार तरीके से बढ़ी। इस वर्ग ने संपत्ति का कुल 36 फीसदी हिस्सा शेयरों में लगाया जो कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा था।

किस तेजी से बढ़े करोड़पति

देश वृद्धि दर (त्न में) कुल करेाड़पति

भारत 22.7 1,23,000

एशिया प्रशांत 8.7 2800000

चीन से तेज रफ्तार

भारत 22.7 फीसदी

चीन 20.3 फीसदी

दक्षिण कोरिया 18.9 फीसदी

इंडोनेशिया 16.8 फीसदी

सिंगापुर 15.3 फीसदी

विश्वव्यापी वित्तीय संकट और भारतीय शेयर बाजार में उथल पुथल से इस साल करोड़पतियों की संख्या प्रभावित हो सकती है लेकिन भारत की 7.9 फीसदी की विकास दर कायम रहने की उम्मीद है।

- आर वैद्यनाथन, प्रमुख,केपिटल मार्केट केपजेमिनी इंडिया

विशेषज्ञों के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और वित्तीय सेवाओं में सुधार से इन देशों को लाभ हुआ। बढ़ती युवा आबादी और मजबूत आर्थिक आंकड़े भारत के विकास को गति देते रहेंगे।

-सलिल पारेख, सीईओ, केपजेमिनी इंडिया





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