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Bachhon Ka Kona Bachhon Ka Kona संता बंता..
संता की सैक्रेटरी बंतानी जब बॉस के कैबिन से निकली, तो उसका चेहरा तमतमाया हुआ था। सहेली के पूछने पर उसने बताया, ‘बॉस ने अंदर बुलाकर पूछा कि क्या आप खाली हैं। मुझे लगा कि कोई ख़ास बात है। जब मैंने कहा कि हां मैं ख़ाली हूं, तो कंब़ख्त ने मुझे 40 पेज टाइप करने को दे दिए।
******************** बंता अपनी प्रेमिका संतानी को सुनाते हुए बोला: ‘मुझे तो ऐसी बीवी चाहिए जो आज्ञाकारी हो, अच्छा खाना पकाए, कपड़े धोए और Êाबान न चलाए।’ संतानी हंसते हुए बोली: ‘मेरे घर आ जाना, मेरी नौकरानी में ये सारे गुण हैं।’
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संता ने ट्रेन में दारू पीते-पीते, सामने बैठे बंता से पूछा, ‘आप दारू पीते है?’
बंता बोले, ‘ये सवाल है या निमंत्रण? अगर सवाल है, तो मै नहीं पीता और यदि निमंत्रण है तो लगाओ गिलास।’
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संता (बंता रेल गार्ड से)- ‘मैं चाय पीना चाहता हूं। कोई ऐसा उपाय बताइए कि मेरे आने तक गाड़ी न चले।’
बंता (मुस्कुराकर)- ‘बड़ा सरल उपाय है। मुझे भी अपने साथ ले चलिए।’
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संता जी की समझ में यह बात कभी नहीं आई कि कैसे उनका एक ही भाई है, जबकि उनकी बहन के दो भाई हैं। - मनजीत सिंह कंग, लुधियाना
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आपको क्या मतलब..
रेल के डिब्बे में एक आदमी ने सामने वाले व्यक्ति को चुपचाप बैठे देखकर बातचीत करने के इरादे से कहा- ‘भाई साहब आपका रुमाल नीचे गिर गया है।’ ‘मेरा रूमाल गिरे या ना, इससे आपको क्या मतलब?
आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, पर मैंने तो कुछ नहीं कहा।’ व्यक्ति बोला।
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हुआ यूं कि..
शाम अपने दोस्त सुरजीत से, ‘भाई, ये चोटें कैसे लगीं?’
सुरजीत- ‘हुआ यूं कि..।’
शाम बीच मंे ही बोल पड़ा, ‘कितनी बार कहा कि लोगों से झगडा मत किया करो। कमब़ख्त ने मार-मारकर बुरा हाल कर दिया। बुरा हो उसका कीड़े पड़ें उसे..’‘बस-बस मै अपनी पत्नी के बारे मे और ग़लत बातें नही सुन सकता..।’ सुरजीत बोला।
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कंपनी की इज्जत
एक कंपनी का सीईओ अपने सहायक को डांटकर बोला, ‘मुझे रिपोर्ट मिली है, कल रात तुम लोगांे ने ख़ूब शराब पी और सड़कांे पर हाथ-ठेला खींचते हुए ख़ूब शोर मचाया।’
‘बताओ, क्या इसी तरह कंपनी की इÊÊात क़ायम रख रहे हो?’
सहायक ने जवाब दिया, ‘यह तो आप ही बेहतर जानते हैं श्रीमान! क्योंकि ठेले पर आप भी सवार थे।’
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पत्नी की याददाश्त
सुरेश अपने दोस्त से, ‘यार मेरी पत्नी की याददाश्त बहुत ख़राब है।’
दोस्त, ‘क्यों, वो Êारूरी बातें भूल जाती है क्या?’
सुरेश, ‘नहीं, छोटी-छोटी बातें भी याद रखती है..’
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बाजू कैसे टूटी?
सोहन- (मोहन की टूटी बाजू देखकर)‘क्या तुम्हारा एक्सीडैंट हो गया था?’
मोहन- ‘नहीं यार, एक लड़की से टकरा गया था।’
सोहन- ‘तो उससे क्या बाजू टूट जाएगी?’
मोहन- ‘टकराने से नहीं, यह तो बाद में उसके पति ने तोड़ी है।’