bhaskar Web English
HomeBusinessCorporate Corporate

अनचाही काल्स रोकने के तरीके बताने होंगे कंपनियों को

नई दिल्ली. जैसे सिगरेट कंपनियां हर पैकेट पर ‘सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’ चेतावनी के तौर पर छापती हैं, मोबाइल आपरेटर्स को भी उपभोक्ताओं के प्रति ज्यादा जिम्मेदार होना पड़ेगा।

उन्हें समाज को बताना होगा कि अनचाही फोन काल्स से कैसे निपटा जाए। सरकारी निर्देशों के अनुसार इस नीति पर उन्हें एक माह के भीतर अमल शुरू करना पड़ेगा।

विज्ञापन को बनाएं माध्यम: निर्देशों के तहत मोबाइल सेवाएं देने वाली कंपनियों को अपने ग्राहकों की अवांछित काल्स से निपटने में मदद करनी होगी। उन्हें अपने हर विज्ञापन हर्ो्िडग में ऐसा संदेश छापना होगा, जिससे टेलीमार्केटिंग कंपनियों की गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।

क्या होगा संदेश? :

‘अनचाही टेलीमार्केटिंग काल्स से बचने के लिए अपने टेलीफोन नंबर को एनडीएनसी (नेशनल डू नाट काल) रजिस्ट्री में रजिस्टर कराएं - फोन करें १९क्९ पर या इसी नंबर पर ‘स्टार्ट डीएनडी’ लिखकर भेजें एसएमएस।’

मदद देना बंद करें : सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी अनाधिकृत टेलीमार्केटिंग फर्म को दूरसंचार संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाए।

पिछले वर्ष शुरू हुई सख्ती

>> मोबाइल उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बनी टेलीमार्केटिंग कंपनियों की गतिविधियों के खिलाफ दूरसंचार मंत्रालय ने पिछले वर्ष कड़े नियम बनाए थे।

>> सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को अपंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों का कनेक्शन समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।

>> दूरसंचार नियामक (ट्राई) इन कंपनियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश भेजता रहा है।

क्या हैं वर्तमान नियम?

>> टेलीकाम अनसालिसिटिड कामर्शियल रेगुलेशन 07 के तहत

>> उपभोक्ता द्वारा डीएनसी में पंजीयन कराने के बाद 45 दिन के भीतर अनचाही फोन काल्स बंद हो जानी चाहिए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: