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भगत सिंह की जन्मतिथि सरकार को पता नहीं

नवांशहर. पंजाब के जिस वीर सपूत ने आजादी के लिए फांसी के फंदे को भी चूम लिया था, आज उसी पंजाब की सरकारों को उनकी सही जन्मतिथि तक याद नहीं है। पंजाब में दो बार( 2006-2007) में सरकारें (पूर्व और मौजूदा) शहीद भगत सिंह का जन्मशती समारोह 28 सितंबर को मना चुकी हैं। समारोह पर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं परंतु जन्मतिथि को सही करने को लेकर कुछ नहीं हो पाया है।

दोनों सरकारें जन्मतिथि सही करने में नाकाम रही हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार ने 2006 में 28 सितंबर को खटकड़कलां में और मौजूदा अकाली-भाजपा सरकार ने 2007 में अमृतसर में ये समारोह आयोजित किए थे।

नहीं सुधरी गलती

खटकड़कलां में शहीद की प्रतिमा व पुस्तकों में अंकित उनकी जन्मतिथि (27 सितंबर, 1907) दुरुस्त नहीं हो सकी है। अब शनिवार 27 सितंबर को फिर खटकड़कलां में शहीद का जन्मशती समारोह है। सवाल फिर खड़ा हुआ है कि आखिर शहीद भगत सिंह की जन्मतिथि 27 सितंबर है या 28 सितंबर।।

शहीद भगत सिंह के परिजन बार-बार यह कहते रहे हैं कि शहीद की असली जन्मतिथि 28 सितंबर 1907 है और भगत सिंह की जन्मपत्री इसका प्रमाण है।

अधिकारी भी अनजान: शुक्रवार (26 सितंबर, 2008) को शहीद के म्यूजियम के बाहर म्यूजियम विस्तार के लिए अधिकारियों की ओर से लगाए ले-आउट प्लान की डिटेल में शहीद की जन्मतिथि 27 सितंबर 1907 अंकित की गई है। अब संसद भवन में लगाने वाली शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के साथ जन्मतिथि 27 सितंबर होगी या 28 सितंबर, यह भी देखने लायक बात होगी।

इस बात को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाएगा। इस बारे में जो कुछ भी संभव है उसे करवाने का प्रयत्न किया जाएगा। इतिहास की सच्चई को झुठलाया नहीं जा सकता। —डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सलाहकार मुख्यमंत्री, पंजाब।

इतिहास को बदलना सरासर गलत है। यह गंभीर मामला है और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। जन्मपत्री के आधार पर प्रतिमा व पाठ्य पुस्तकों में शहीद भगत सिंह की जन्म तिथि 28 सितंबर 1907 करनी चाहिए। यदि शहीदों के साथ ऐसा खिलवाड़ जारी रहेगा तो इससे निंदनीय क्या होगा? जगमोहन सिंह, प्रोफेसर शहीद भगत सिंह के भानजे





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