मुंबई.
मशहूर गायक महेंद्र कपूर का शनिवार शाम को बांद्रा स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। 74 वर्षीय महेंद्र कपूर पिछले कुछ समय से डायलिसिस पर थे। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें लता मंगेशकर पुरस्कार के लिए चुना था तथा 24 अक्टूबर को उन्हें यह पुरस्कार दिया जाने वाला था। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां व एक बेटा है।
महेंद्र कपूर का जन्म 9 जनवरी, 1934 को अमृतसर में हुआ था। पाश्र्वगायन में कैरियर बनाने के लिए वे कम उम्र में ही मुंबई आ गए थे। 1953 की फिल्म ‘मदमस्त’ के साहिर लुधियानवी के गीत ‘आप आए तो खयाल-ए-दिल-ए नाशाद आया’ से उन्होंने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की थी।
उन्होंने फिल्मों में सैकड़ों गाने गाए। महेंद्र कपूर की गायकी की शैली सबसे अलग थी। वे मशहूर गायक मोहम्मद रफी को अपना गुरु मानते थे। फिल्मों में महेंद्र कपूर ने क्लासिकल, कव्वाली, भजन, रोमांटिक और सुफियाना, हर तरह के गीत गाए। उन्हें देशभक्तिपूर्ण गीतों के लिए खासतौर पर पहचाना जाता था। मनोज कुमार की लगभग हर फिल्म में उन्होंने आवाज दी।
सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड१९६८ उपकार फिल्म के मेरे देश की धरती सोना गीत के लिए सर्वश्रेष्ट गायक के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरूस्कार
फिल्मफेयर अवार्ड
१९६३ में चलो एक बार फिर से के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के लिए फिल्मफेयर अवार्ड दिया गय।
१९६७ मे हमराज फिल्म के गीत नीले गगन के तले के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवार्ड
१९७४ नहीं नहीं बस और नहीं गीत के लिए बेस्ट मेलप्ले बैक सिंगर का अवार्ड
कुछ प्रसिद्ध गीत
नीले गगन के तले : हमराज १९६७
चलो एक बार : गुमराह १९६३
किसी पत्थर की मुरत से : हमराज १९६७
लाखों हैं यहा दिलवाले : किस्मत १९६८
और नहीं बस और नहीं : रोटी कपड़ा और मकान १९७४
भारत का रहने वाला हूं : पूरब और पश्चिम १९७क्
फकीरा चल चला चल : फकीरा १९७५
बदल जाए अगर माली : बहारें फिर भी आएगी १९६६
मेरा प्यार वो है : ये रात फिर ना आएगी १९६५
तेरे प्यार का आसरा : धूल का फुल १९५९