जालंधरआईएसआई ने खालिस्तानी आतंकियों को त्यौहारों के सीजन में पंजाब में बड़ी वारदात करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश आईएसआई के डिप्टी चीफ मेजर जरनल वशीद अरशद ने खालिस्तानी आतंकी संगठनों के मुखियाओं के साथ हुई मीटिंग में दिए।
मीटिंग में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ वधावा सिंह, खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ परमजीत सिंह पंजवड़, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रणजीत सिंह नीटा और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के चीफ लखबीर सिंह रोडे शामिल हुए थे।
मिलकर करो वरना पाक छोड़ो : आईएसआई के डिप्टी चीफ अरशद ने एक सितंबर को लाहौर में सहरदा चौक के पास डाक बंगले में बैठक की थी।
इसमें उन्होंने आतंकी संगठनों से कहा कि अगर वह मिलकर काम नहीं कर सकते तो पाक छोड़ दें। बैठक में यूके में सक्रिय आईएसआई का एजेंट मुनीर मलिक भी शामिल हुआ था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में सारी जानकारी जुटा ली है।
यह भी तय हुआ कि चारों संगठन एक संयुक्त कमान के तहत काम करेंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे। आईएसआई फंड में कमी नहीं आने देगी और हथियार व गोला-बारूद पंजाब में उनके समर्थकों तक पहुंचा देगी। आतंकी संगठन अब देशी सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
लिस्ट में बादल और तीन बाबा :
बैठक में आतंकी संगठनों को बादल परिवार और तीन डेरों के मुखिया- राम रहीम, आशुतोष और बाबा प्यारा सिंह भनियारा को मारने के निर्देश दिए गए। इसके लिए आईएसआई ने अलग से 50 करोड़ का फंड रखा है।
गृह विभाग को दी सूचना :
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने गृह विभाग को जानकारी दी है कि खालिस्तानी आतंकी सिमी, हुजी और लश्कर के साथ मिलकर एक अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक देश में, खासकर पंजाब में बड़ी वारदात कर सकते हैं।
ऐसी सूचना है कि पाक में सक्रिय चारों बड़े आतंकी संगठनों ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। आईएसआई ने इन चारों को फिर से सक्रिय किया है। -एनपीएस औलख, डीजीपी