चंडीगढ़.कैप्टन पूनम कौर के ड्राइवर सुनील कुमार को सेना अब बतौर गवाह पेश नहीं करेगी। कैप्टन पूनम के वकील एडवोकेट (रि.) कर्नल एसके अग्रवाल ने कहा कि पूनम को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। अग्रवाल का आरोप है कि सेना के अफसर कैप्टन पूनम का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्हें पूनम से बात नहीं करने दिया जाता। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि उन्हें पूनम से मुलाकात का समय दिलाया जाए। बकौल अग्रवाल कमांडिंग ऑफिसर 5 आम्र्ड रेजीमेंट ने पूनम को कैड में रखने की धमकी दी है और कहा है कि उसे चिकित्सा के लिए सैन्य अस्पताल में भी नहीं जाने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूनम ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की प्रोसीडिंग्स पढ़ने और वकील से मिलकर जवाब तैयार करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था, जिसे ठुकरा दिया गया और दबाव बनाते हुए समरी ऑफ एविडेंस रिकार्ड की जा रही है। अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि 21 आरापों में से 10 आरोप 14 जुलाई के बाद के हैं । समझ में नहीं आता कि ये आरोप क्यों लगाए गए।
रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख को आदेश दिया था कि यौन उत्पीड़न आदि आरोपों की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी करवाई जाए। आर्मी कमांडर पश्चिमी कमान ल.े. जनरल टीके सप्रू ने 15 जुलाई को कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया। लेकिन कोर्ट के सामने कैप्टन पूनम कौर को अपने गवाह पेश करने का मौका नहीं दिया गया।
तीनों आरोपियों कर्नल आर.के. शर्मा, ले. कर्नल अजय चावला और मेजर सूरजभान को दोषमुक्त कर दिया गया और उलटे कैप्टन पूनम कौर को ही आरोपी बनाकर दंडित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कर्नल अग्रवाल के अनुसार जो आरोप कोर्ट ऑफ इंक्वायारी के सामने उठे ही नहीं थे उन आरापों के बारे में कैप्टन पूनम के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। क्या था मामला
कैप्टन पूनम कौर ने वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक तथा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस खुलासे के बाद सैन्य अधिकारियों ने उनके आरोपों को नकारते हुए उलटे पूनम पर अपने ड्राइवर सुनील कुमार के साथ अवैध संबंध रखने का आरोप जड़ दिया।
साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पूनम के खिलाफ कोर्ट आफ इंक्वायरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। कर्नल अग्रवाल का आरोप है कि सुनील को अधिकारियों ने काफी दिन नजरबंद रख कर उसे पूनम के साथ अपने यौन संबंधों का बयान देने के लिए कहा था।