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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. घटस्थापना के साथ ही नवदुर्गा की आराधना का महापर्व मंगलवार से शुरू हो गया। देवी मंदिरों में सुबह शुभ मुहूर्त पर कलश प्रज्वलित किया गया। रतनपुर सिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर में प्रतिपदा पर घटस्थापना व अन्य अनुष्ठान हुए।
आदिशक्ति महामाया का दर्शन करने भक्तों की कतार लगी रही। नवरात्रि तक यहां लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए माता के चरणों में माथा टेकने पहुंचेंगे।
नवरात्र का उत्सव आज आश्विन शुक्ल की प्रतिपदा से प्रारंभ हुआ। शहर सहित अंचल में नौ दिनों तक चलने वाले आराधना उत्सव की शुरुआत हो गई है। आज भोर में मंदिर का पट खुलने के बाद से महामाया के दरबार में घंटे-घड़ियाल की गूंज सुनाई देने लगी और दर्शनार्थियों का तांता लग गया।
सूर्योदय के बाद से शुभ मुहूर्त होने के कारण घटस्थापना का अनुष्ठान सुबह ही पूर्ण कर लिया गया। दोपहर में मध्यान्ह भोग लगा, फिर आरती हुई। शाम से रात तक मंदिरों में स्तुति के साथ चालीसा पाठ और जसगीत की सुनाई देती रही।
रतनपुर के महामाया मंदिर प्रांगण में दुर्गा सप्तशती, शतचंडी, ललिता सहस्त्रनाम, देवी भागवत, श्रीमद् भागवत का पाठ व गणोश, शिव, हनुमान की आराधना की जा रही है। महामाया की प्रतिमा का सात्विक श्रंगार किया गया है। मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
चैत्र व क्वांर नवरात्रि में महामाया के पूजा का विधान अलग-अलग रहता है। क्वांर नवरात्रि में मंदिर के गर्भगृह में जवारा स्थापित किया गया है, जबकि चैत्र नवरात्र में घटस्थापना की जाती है।
मंदिर परिसर में बने 18 विशाल कक्षों में 23 हजार 500 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। कलश की देखरेख करने के लिए ढाई सौ ‘ज्योति रक्षक’ तैनात किए गए हैं, वहीं महामाया की पूजा-अर्चना व स्तुति पाठ करने विभिन्न जगहों से सौ से अधिक ब्राह्मण यहां पहुंचे हैं। मंदिर ट्रस्ट द्वारा रतनपुर में स्थित अन्य मंदिर भैरव बाबा, रामटेकरी, खंडोबा मंदिर, लखनी देवी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, चंडी मंदिर, गिरिजाबंद हनुमान मंदिर में दीप प्रज्वलित कराए गए हैं।
बेलसरी के पं. लखन प्रसाद द्विवेदी द्वारा मंदिर परिसर में देवी भागवत पर प्रवचन दिया जा रहा है, जो प्रतिदिन सुबह 9 से शाम पांच बजे तक निरंतर चलेगा। आज प्रतिपदा पर दिन भर अनुष्ठान होने के कारण मंदिरों मंे श्रद्धालुओं की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही, जो कल द्वितीया यानी बुधवार से बढ़ने की उम्मीद है। षष्टमी, सप्तमी और अष्टमी पर सर्वाधिक भीड़ देखने को मिलेगी। देवी साधकों द्वारा नौ दिवसीय उपवास भी शुरू कर दिया गया, जिसकी पारणा नवमी के दिन की जाएगी।
जगमगाए आस्था के दीप
शहर व अंचल के मंदिरों में नवरात्र प्रतिपदा के साथ आस्था के दीप जगमगाने लगे हैं। सभी प्रमुख मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं ने मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करवाए हैं। उनके नाम मंदिर के दीवारों पर अंकित भी किए गए हैं।
रतनपुर महामाया मंदिर के अलावा भैरव बाबा मंदिर, लखनी देवी मंदिर, तुलजा भवानी मंदिर, खंडोबा मंदिर, गिरजाबंद हनुमान मंदिर महामाया मंदिर बैमा-नगोई, डिडनेश्वरी मंदिर मल्हार, शहर के काली मंदिर तिफरा, मरीमाई मंदिर मगरपारा, दुर्गा मंदिर जरहाभाठा, सतबहिनिया मंदिर बंधवापारा सरकंडा, तुलजा भवानी मंदिर कुदुदंड, हरदेवलाला भगवती मंदिर, दुर्गा मंदिर दयालबंद सहित सभी देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। नवरात्र के दौरान सभी जगहों पर विशेष अनुष्ठान, प्रवचन, भजन-कीर्तन व धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
गरबे की धूम मची
टिकरापारा स्थित गुजराती धर्मशाला में नौ दिनों तक चलने वाली डांडिया और गरबे की धूम आज से शुरू हो गई। यहां गुजराती समाज के सैकड़ों लोग प्रतिदिन रात को जुटेंगे और रास-गरबे से मां की आराधना करेंगे। गीतों के बीच लयबद्ध डांडिया देखते ही बनती है।
लायनेस क्लब मिड टाउन व पावन महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में इस वर्ष भी चार दिवसीय रास-गरबा का आयोजन किया जा रहा है। किलावार्ड में यह आयोजन 1 से 4 अक्टूबर तक चलेगा। लायनेस क्लब की सचिव ज्योत्सना गुप्ता ने बताया कि रास-गरबे के लिए प्रशिक्षण 25 सितंबर से प्रारंभ हो गया है, जिसमें अन्नपूर्णा गुप्ता व रीना पटेल द्वारा रास-गरबा सिखाया जा रहा है। इस आयोजन में किसी भी जाति-वर्ग के युवक या युवतियां शामिल हो सकेंगी। अंतिम दिन प्रतियोगिता होगी, जिसमंे विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।