नई दिल्ली.आरबीआई ने कहा है कि वैश्विक मंदी के चलते देश में विदेशी निवेश को धक्का लगा है।
पोर्टफोलियो निवेश पर रिपोर्ट
रिजर्व बैंक ने पोर्टफोलियो निवेश पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ४.२ अरब डॉलर (करीब १९७ अरब रु.) देश से बाहर गए हैं।
वर्ष २क्क्७-क्८ की पहली तिमाही में करीब ७.५ अरब डालर (करीब ३५२ अरब रु.) देश के अंदर आए थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजारों में मंदी दिखाई पड़ रही है।
बढ़ा चालू खाते का घाटा
आरबीआई के अनुसार देश में विदेशी निवेशकों द्वारा लाई जा रही पूंजी का रास्ता बाधित हो रहा है। आयात बढ़ जाने के कारण वित्त वर्ष २क्क्८-२क्क्९ की पहली तिमाही में देश के चालू खाते का घाटा बढ़ कर १क्.७ अरब डालर (करीब 503 अरब) हो गया है। इसमें करीब ३५ फीसदी राशि तेल आयात पर खर्च हुई है।
वित्त मंत्रालय का समर्थन
आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव अशोक चावला ने भी मंदी के कारण देश में पूंजी निवेश की संभावनाएं कमजोर पड़ने की बात कही है।