जोधपुर.ऑटो चालक दुखद घड़ी में घायलों के लिए महत्वपूर्ण आशा कि किरण बन कर आए, शहरवासियों ने भी ऑटो चालकों में छुपा फरिश्ता पहली बार देखा।
एंबुलेंस से पहले घटना स्थल पर पहुंचाने वाले ऑटो चालकों ने घायलों को तेजी से हॉस्पिटल पहुंचाकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने का काम किया। ऑटोचालक व्यक्तिगत रूप से ही आगे ही नहीं आए वरन अपने दूसरों साथियों को भी सूचित कर इस आपात स्थिति में मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया।
बिना पैसे अपनी सेवा देने वाले ऑटोचालकों ने कहा कि कमाई तो हम रोज ही करते हैं, किसी की जिंदगी को बचाना सबसे बड़ी कमाई है। चाहे एमडीएम हॉस्पिटल हो या एमजीएच, ऑटोचालक मुस्तैदी से हर जगह मौजूद रहे।
एमजीएच में पोस्टमार्टम कक्ष में मौजूद 44 शवों को ले जाने के लिए सैकड़ों अॅाटोचालक मेन गेट पर मौजूद रहे। जैसे की कोई ऑटो किसी शव को लेकर रवाना होता उसकी जगह दूसरा अॅाटोचालक ले लेता। ऑटोचालकों ने मृतक के परिजनों को उनके आवास पर भी पहुंचाने का भी काम किया।