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अपनों को ढूंढ़ रही थी हर नजर

जोधपुर. हर किसी की नजर परिचित को ढूंढ़ने में लगी थी। किला रोड पर एक के बाद एक सायरन बजाती पुलिस की गाड़ियां और अस्पताल की एंबुलेंस के नजारे ही दिखाई दे रहे थे। हादसे के वक्त वहां मौजूद रातानाडा निवासी मधुर ने बताया कि किले के रैंप वाली जगह से लेकर माता के मंदिर तक खूब भीड़ थी। लोग कतारों में खड़े थे।

रैंप से नीचे उतरकर मां के मंदिर की तरफ उतरने वाली घाटी के बीच बल्लियां लगाकर महिलाओं और पुरुषों के के लिए अलग दर्शन की व्यवस्था थी। भीड़ में धक्का मुक्की के चलते रैंप पर लोगों के पांव फिसल रहे थे।

नागौरी गेट के प्रत्यक्षदर्शी श्यामलाल ने बताया कि कुछ लड़के रैंप के ऊपर से बार-बार धक्का मुक्की कर रहे थे। इसी बीच जोर से धक्का आया और आगे खड़े 15-20 युवक जमीन पर गिर गए और कुछ लोग उनके ऊपर एक के बाद एक इस तरह गिरे कि 6-7 फुट की मानव दीवार सी बन गई।

रैंप के बीच में खड़े भूपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह ने बताया कि धक्का मुक्की में बल्लियां बिखर गई। हादसे में घायल हितेंद्र ने बताया, मैं बहन के साथ दर्शनों को आया था। यहां रास्ते में पड़े घायलों को देख मैंने बहन को घर भेज दिया और घायलों को पुलिस वाहनों में डालकर एमजीएच ले गया।

कीर्ति नगर से मां के साथ भाई को ढूंढ़ने आई निधि का कहना था कि सुबह 7 बजे टीवी पर खबर देखने के बाद मम्मी को लेकर यहां भाई की तलाश रहीं हूं, लेकिन वो कहीं नजर नहीं आ रहा।

एक किमी तक थी लाइनें

नागोरीगेट से कलाल कॉलोनी के सामने से होते हुए सुगालेश्वर महादेव मंदिर तक सड़क किनारे लोग एक दूसरे के हाथ से हाथ थामे खड़े होकर गलियों में से आने वाले वाहनों व राहगीरों को सड़क पर जाने से रोकने में पुलिस की सहायता कर रहे थे। इससे घायलों को लेजाने वाले वाहनों को निकलने में काफी सहूलियत हुई।

स्थानीय लोगों ने गड्डे दबाए : शुगालेश्वर मंदिर से पहले सड़क पर बड़े बड़े गड्डे हो रखे थे, स्थानीय लोगों में ठेकेदार ज्योति स्वरूप शर्मा तथा श्रवण शर्मा ने गड्डों को मिटटी से ढांपा। श्रवण का कहना था कि रात में रोडलाइट नहीं थी। और सुबह चार बजे तक अंधेरा था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने जैसा बयां किया :

जयपोल के बाहर मिले आदर्श विद्यालय के 11 वीं कक्षा के छात्र प्रतीक प्रजापति ने बताया कि जिस समय भगदड़ शुरू हुई उस समय वह मंदिर के ठीक आगे संकड़े मार्ग पर बेरिकेटिंग के बीच में खड़ा था। थोड़ी ही देर में पीछे से भीड़ का धक्का लगा और लोग भागने लगे। धक्का लगने से सीढ़ियों पर उतर रहे लोग गिर गए व उनके ऊपर और लोग गिरने लगे जिससे आपाधापी मच गई।

बत्तेसागर निवासी हुकमसिंह शेखावत तथा कलाल कॉलोनी निवासी मुकेश खींची के अनुसार नारियल तोड़ने वाली जगह के पास बनी दीवार पर एक युवक चढ़ा और फिसल कर गिर गया। इस पर लोगों ने समझा दीवार गिर गई और वे भागने लगे। लोगों को भागते देख वहां खड़े सुरक्षा कर्मियों ने लाठियां घुमाई इसपर ज्यादा अफरातफरी मच गई व लोग ढलान की ओर दौड़ने लगे।





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