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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. पुलिस ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) से सोमवार को पटवारी भर्ती परीक्षा का पर्चा चोरी होने की तहकीकात शुरू कर दी। शुरुआती जांच में ही पुलिस को इस बात की भनक लग गई कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
पर्चा फूटने के बाद व्यापमं अफसरों ने घटनाक्रम का जो ताना-बाना बुना था, वह गलत साबित हुआ है। पुलिस को पता चला है कि आरोपी पंकज ने पर्चे के बंडल की सील तोड़ी ही, एक पर्चा भी चुरा लिया था। बाहर निकलकर उसने पर्चे की फोटोकापी कराई, फिर स्ट्रांग रूम लौट आया। प्लान ये था कि उसे पर्चा वापस बंडल में रखकर इसे सील कर देना था। इत्तेफाक से कुछ कर्मचारियों की नजर पड़ गई और पूरा खेल बिगड़ गया। इसके बावजूद अफसरों ने गलत जानकारी फैलाई कि पंकज ने पर्चा निकाला ही था और पकड़ा गया। सच सामने आने के बाद सारे अफसर खामोश हो गए हैं।
पुलिस ने पंकज के खिलाफ गोपनीय दस्तावेज चुराने का मामला दर्ज किया है। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया। इधर, एनएसयूआई ने अध्यक्ष विकास उपाध्याय के नेतृत्व में व्यापमं कार्यालय में हल्ला बोलकर प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक का घेराव करने के बाद नारेबाजी की। प्रवक्ता संदीप तिवारी ने बताया कि पर्चा फूटने की घटना से पता चला है कि पहले से यह गोरखधंधा चल रहा है।
षडयंत्र का अंदेशा
व्यापमं के कुछ अफसरों ने बड़ी साजिश के इंकार नहीं किया। परीक्षा नियंत्रक बीपी त्रिपाठी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से उच्चस्तरीय जांच कराने का आग्रह किया और कहा कि पंकज किसी रैकेट का मोहरा हो सकता है।
अफसर भी फंसेंगे : बंडल की सील तोड़ने वाला पंकज पटवारी भर्ती परीक्षा में उम्मीदवार की हैसियत से शामिल हो रहा है। उसने विधिवत आवेदन जमा किया है। महकमें के अफसरों को इस बात की जानकारी थी। इसके बावजूद उसे परीक्षा से संबंधित अत्यंत गोपनीय काम में लगाया गया था। एक अफसर का कहना है कि व्यापमं में सेवाएं देने वाले 70 फीसदी दैनिक वेतन भोगी कर्मी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।