मुंबई. रिजर्व बैंक और बाजार नियामक सेबी मुद्रा कारोबार के नियम उदार करने पर विचार कर रहे हैं। सेबी चेयरमैन सी.बी. भावे ने यहां बुधवार को कहा कि कारोबारियों की ओर से मांग थी कि मुद्रा कारोबार के नियमों को उदार किया जाना चाहिए। इसी के बाद रिजर्व बैंक और सेबी ने इस दिशा में मिलकर काम करना शुरू किया है।
बीएसई में करेंसी फ्यूचर शुरू : एशिया के सबसे पुराने एक्सचेंज बीएसई में भी बुधवार से मुद्रा में वायदा कारोबार (करेंसी फ्यूचर्स) की शुरुआत हो गई। इसके जरिए कारोबारी डालर के मुकाबले रुपए के मूल्य मे आने वाले तेज उतार-चढ़ाव के विपरीत असर से अपने कामकाज को बचा सकेंगे।
देश में एक्सचेंज आधारित करेंसी फ्यूचर्स की शुरुआत पहली बार 29 अगस्त को एनएसई में की गई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) द्वारा यह सुविधा जल्द ही शुरू किए जाने की उम्मीद है।
क्या होगा फायदा
मुद्रा कारोबार के नियम उदार होने से सभी श्रेणी के कारोबारी करेंसी फ्यूचर में कारोबार कर सकेंगे। गौरतलब है कि इस समय सिर्फ चुनिंदा कारोबारियों को ही मुद्रा में वायदा सौदे करने की अनुमति है। भावे ने रिजर्व बैंक और सेबी, मुद्रा वायदा कारोबार की प्रणाली में पारदर्शिता लाने और सौदों का निपटान समय से हो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
क्यों पड़ी जरूरत
पिछले एक साल में रुपया जहां दशक के सबसे ऊपरी स्तर पर गया, वहीं हाल में यह डालर के सामने 47 रुपए का स्तर तोड़कर 5 साल के न्यूनतम पर पहुंच चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक भी अपनी एक रिपोर्ट में कह चुका है कि विनिमय दर में अत्यधिक हलचल अगर जारी रही तो कंपनियों की बैलेंस शीट पर असर पड़ सकता है।