जोधपुर. मेहरानगढ़ किले में स्थित चामुंडा देवी मंदिर में मंगलवार को मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 224 हो गई है। इस संख्या में अभी और इजाफा होने की आशंका है।
इस बीच, बुधवार को मंदिर में दर्शन करने वाले लोगों की संख्या काफी कम रही। पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासोत ने बताया कि बुधवार शाम सात बजे तक 224 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है।
ऐसे बढ़ी मृतकों की संख्या: मंगलवार को भगदड़ की चपेट में आए अनेक लोगों के शव उनके परिजन अस्पताल से तुरंत अपने घर ले गए थे। इस वजह से कई हताहतों के नाम दर्ज नहीं हो पाए। इनके नामों की पुष्टि बाद में की जा सकी।
दिनभर चली कवायद : प्रशासन ने बुधवार को दिनभर ऐसे लोगों के बारे में छानबीन की, जिनके शवों को लेकर उनके परिजन अस्पताल नहीं पहुंचे थे। जिला कलेक्टर ने पटवारियों व थाना प्रभारियों से विभिन्न श्मशान घाटों पर जलाई गई चिताओं के बारे में ब्योरा जुटाने को कहा था। इस पूरी कवायद के बाद शाम तक 224 लोगों के मरने की पुष्टि कर दी गई। मंदिर खुला, पर दर्शनार्थी कम : भगदड़ की घटना के बाद पुलिस ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसके बावजूद बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या पर हादसे का असर साफ दिखा।
मां चामुंडा देवी के दर्शन के लिए मंदिर खुला था, मगर न तो मां के दरबार में दर्शनार्थियों की रेलमपेल थी और न ही मंदिर के रास्ते पर श्रद्धालुओं की कतारें लगीं। पुलिस ने किले के विभिन्न दरवाजों पर भीड़ को रोकने के भी इंतजाम किए थे, लेकिन लोग कम होने से इनकी जरूरत ही नहीं पड़ी। मंगलवार को सुबह के वक्त जहां 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ थी, वहीं बुधवार सुबह यह संख्या मात्र 15 से 20 रही।