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Chhattisgarh
Raipur Raipur नई दिल्ली. कांग्रेस के नेताओं की कटुता उनकी भाजपा से लड़ाई की राह में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही है। यह बात राज्य विधानसभा के लिए कांग्रेसी उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रुप देने बैठे नेताओं को एक बार फिर महसूस हुई।
स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन प्रियरंजन दास मुंशी ने व्यक्तिगत रुप से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया था, लेकिन रायपुर के घटनाक्रमों के चलते जोगी बैठक से दूर रहे। स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने लगभग ढाई घंटे तक सीटवार पैनल में आए नामों की एक-एक कर सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा की। लेकिन समिति किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई।
समिति की अगली बैठक 3 अक्टूबर को होने की संभावना है। समिति के एक सदस्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि केन्द्रीय चुनाव समिति के सामने जो भी नाम जा रहे हैं,उनके विषय में पाजीटिव और निगेटिव रिमार्क भी दर्ज हों। लेकिन इस सकारात्मक और नकारात्मक पहलू का सबसे बड़ा पैमाना बड़े नेताओं की व्यक्तिगत राय ही है।
पार्टी ने उम्मीदवारों के विषय में कई सर्वे भी कराए हैं,लेकिन किसी सर्वे पर बड़े नेताओं में एक राय नहीं है। हालांकि प्रभारी महासचिव नारायण सामी ने कहा कि हमने सभी सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति की समीक्षा की है। समिति के एक अन्य सदस्य ने कहा कि अभी हमें दो और तीन दौर की बैठकें और करनी पड़ सकती हैं।
समिति के सूत्रों के मुताबिक आज की बैठक में किसी नाम को अंतिम रुप नहीं दिया गया और पिछली बैठक के आंकड़ो में भी ज्यादा रददोबदल नहीं किया जा सका है। पिछली बैठक में तकरार करने वाले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू और नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा आज की बैठक में आपस में गुफतगू करते नजर आए,दोनों बैठक से साथ साथ निकले और साथ में भोजन भी किया।