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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के दौरान टीचर्स भर्ती में अनियमितता के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब सबॉर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन रिटायर्ड ब्रिगेडियर सी.एस. हरीका समेत तीन अफसरों और एक कंप्यूटर एजेंसी के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
2006 में बोर्ड ने सभी विषयों के 2500 रेगुलर टीचर भर्ती किए थे। इसमें कई युवकों ने शिकायत की थी कि बोर्ड ने निर्धारित कट ऑफ मेरिट से कम अंकों वाले कई उम्मीदवारों को भर्ती कर लिया है।
विजिलेंस ब्यूरो ने प्राथमिक जांच में पाया कि 388 ऐसे युवकों को नियुक्ति-पत्र थमा दिए गए जो इस पद के लिए निर्धारित योग्यताएं पूरी नहीं करते। सभी विषयों के टीचर्स की भर्ती में ऐसी गड़बड़ियां हुई थीं। जांच में पाया गया कि अफसरों ने जिस एजेंसी को हायर किया था, उसी के साथ मिलकर योग्य उम्मीदवारों को लिस्ट से निकाल दिया गया था। रिकॉर्ड के साथ भी छेड़छाड़ की गई।
विजिलेंस ब्यूरो अन्य टीचर्स के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। सेलेक्शन बोर्ड को 2500 पदों के लिए 65 हजार आवेदन मिले थे। परसेंटेज के आधार पर कट ऑफ मेरिट तैयार कर सीधे इंटरव्यू रखे गए।
इंटरव्यू बोर्ड के चेयरमैन सी.एस. हरीका और तत्कालीन सचिव व पीसीएस अधिकारी नवजोतपाल सिंह रंधावा ने लिए थे। इसमें चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र थमा दिए गए।
इन-इन पर कंसा शिकंजा
विजिलेंस ब्यूरो ने बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हरीका, पूर्व सचिव नवजोतपाल सिंह रंधावा, बोर्ड के सुपरिंटेंडेंट बलवंत सिंह, सुपरिंटेंडेंट जसपाल सिंह और स्टेनो परमिंदर सिंह पर केस दर्ज किए हैं। पटियाला निवासी सी.एस. हरीका पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के काफी करीबी रहे हैं।
पीसीएस अफसर नवजोतपाल सिंह रंधावा आजकल डेपुटेशन पर चंडीगढ़ प्रशासन में हैं। भर्ती रिजल्ट तैयार करने वाली प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक गुरपाल सिंह पर भी मोहाली विजिलेंस थाने में केस दर्ज हुआ है।