मुंबई. ‘मुंबई किसी के बाप की नहीं है’ कहकर एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को फटकारने वाले मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त केएल प्रसाद अपने एक ताजा बयान के कारण फिर से विवादों में हैं।
गुरुवार को ईद के मौके पर उन्होंने कहा कि आतंकी यदि आतंक का रास्ता त्याग कर देश की मुख्यधारा में लौटते हैं तो भाई समझकर उनका फूलों से स्वागत किया जाएगा।प्रसाद के इस कथन को लेकर नेताओं में उनके समर्थन और विरोध में बयान देने की होड़ मच गई है। बयान का गलत अर्थ लगाए जाने से दुखी प्रसाद ने कहा कि पुलिस महकमा धर्मनिरपेक्ष है।
उन्होंने कहा, ‘सुधरने का मौका सभी को दिया जाता है। यदि मैंने आतंकियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है तो इसमें गलत क्या है।’ प्रसाद ने ईद के मौके पर मुंबई के भिंडी बाजार की मिनारा मस्जिद जाकर लोगों को फूल बांटे थे।
प्रसाद के इस बयान को महाराष्ट्र पुलिस की उस कवायद का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत पुलिस ने मुस्लिमों के बीच पैठ बनाने की शुरुआत की है।