जयपुर. रसूखदार को फायदा पहुंचाने के लिए सिविल लाइंस की कोठी नंबर सात (सुखम गार्डन) में पचास साल से रह रहे परिवारों को 22 सितंबर को जबरन बेदखल करने के मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-क्राइम) एके जैन को सौंपी गई है। गृह विभाग के आदेश जैन को मिल गए हैं। सुखम गार्डन पर सुप्रीम कोर्ट ने रिसीवर नियुक्ति किया हुआ है।
प्रमुख सचिव (गृह) एसएन थानवी ने बताया कि अखबारों में जो समाचार क्राइम से संबंधित छपता है उसकी कटिंग गृह विभाग में होती है और उस पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस के क्राइम विभाग को कहा जाता है।
सुखम गार्डन के बारे में छपी खबरों के बारे में भी एडीजी-क्राइम को जांच के लिए लिखा गया है। प्रभावित परिवारों ने थाने में परिवाद दिया था और मामला दर्ज नहीं करने पर अदालत में इस्तगासा दायर किया था।
इसके अलावा हाईकोर्ट में बेघर किए लोगों के संबंध में दो जनहित याचिकाएं गत सप्ताह दायर की गई हैं, जिनके बारे में राज्य सरकार को अगले सप्ताह जवाब देना है। पीड़ितों ने उन्हें बेघर किए जाने की शिकायत गृहमंत्री सहित सभी अधिकारियों से भी की थी।