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गांधीगीरी की राह पर शिक्षक

रायपुर. नियममितीकरण की मांग को लेकर संविदा सहायक प्राध्यापकों ने गांधीगीरी की राह पर चलते हुए आमरन-अनशन शुरू कर दिया है। बूढ़ातालाब के किनारे अनशन कर बैठे तीन की तबियत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

संविदा प्राध्यापकों ने सुबह से पानी भी त्याग रखा था। दोपहर बाद उनमें से एक की हालत बिगड़ी। सूचना मिलने पर पुलिस और डाक्टर वहां पहुंच गए। वहां जांच के बाद एक-एक कर पांच को आंबेडकर अस्पताल भेजा गया।

संविदा सहायक प्राध्यापक विचार मंच के उपाध्यक्ष डा. मनीष साव ने बताया कि आज विश्व अहिंसा दिवस के अवसर पर श्री नेगी के अलावा 11 अन्य सहायक प्राध्यापकों ने महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके प्रिय भजन भी गाया। उन्होंने गांधीजी की तरह अहिंसक और शालीन, लेकिन मुखर तरीके से अपनी मांग सरकार के समक्ष रखने का संकल्प लिया। आमरण अनशन में दीपक नेगी समेत डा. वीणापाणि खरे, डा. पुष्पा श्रीवास, रमणी चंद्राकर, सिंपी सोनी, डा. तारणीश गौतम, बुद्धेश्वर सिंगरौल, डा. रवि बंजारे, डा. रवेंद्र कुमार सोनी, डा. डीपी चंद्रवंशी व भुवनेश्वर कुमार बैठे।

आज प्रदेशभर के कालेज बंद कराने ऐलान: एनएसयूआई ने संविदा सहायक प्राध्यापक की हड़ताल का समर्थन किया है। सहायक प्राध्यापकों की मांग के समर्थन में एनएसयूआई ने 3 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय महाविद्यालयों को बंद कराने का ऐलान किया है।

ये अस्पताल में
रायपुर. बूढ़ा तालाब के सामने आमरण अनशन पर बैठे 3 संविदा सहायक प्राध्यापकों की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुरानी बस्ती पुलिस ने बताया कि जशपुर के दीपक कुमार नेगी, महासमुंद की रमणी चंद्राकर और दुर्ग की वीणा खरे को शाम 5 बजे अस्पताल लाया गया। दीपक नेगी को भर्ती किया गया व बाकी दोनों प्राध्यापकों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।





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