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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. दिल्ली में कांग्रेस की टिकट के लिए कश्मकश जारी है। दावेदारों द्वारा जहां अपनी टिकट पक्की करने के लिए जुगत बिठाई जा रही है, वहीं वर्तमान पैनल से असंतुष्ट होकर बड़े नेताओं से शिकायत का सिलसिला भी चल रहा है।
इसी क्रम में बिलासपुर से गए शहर कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य अभयनारायण राय ने राष्ट्रीय महासचिव व छत्तीसगढ़ प्रभारी वी नारायण सामी से मुलाकात की। उन्होंने टिकट वितरण में निष्पक्षता पर चर्चा की। उन्होंने श्री सामी को बताया कि विशेष कार्यसमिति की बैठक के दौरान श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा था कि इस बार चुनाव के दौरान टिकट वितरण में किसी भी नेता का कोटा नहीं होगा।
सर्वोच्च नेता के इस बयान से कांग्रेसियों को भरोसा हो गया था कि सभी सीटों पर मेरिट के आधार पर चयन होगा, लेकिन प्रदेश के बड़े नेताओं द्वारा पैनल में जो नाम आगे बढ़ाए जा रहे हैं, वे किसी न किसी के प्रति व्यक्तिगततौर पर वफादार हैं। ऐसे लोग संगठन के साथ नहीं रहे, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ ही काम किया है। जो लोग पिछले पांच साल से कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं और भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं, ऐसे लोगों का नाम पैनल में नहीं रखा गया है। इसमें बिलासपुर सीट भी शामिल है।
गौरतलब है कि श्री राय ने इसके पहले सामी को इस संदर्भ में पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने कहा है कि जिले की नौ सीटों पर सोशल इंजीनियरिंग का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। कई बड़े समाज जैसे यादव, साहू आदि की उपेक्षा की जा रही है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि संगठन से जुड़े लोगों को समाज के लोगों की अनदेखी महंगी पड़ेगी। श्री राय ने पत्र में आरोप लगाया है कि कार्यकर्ताओं को तो यह भी लगने लगा है कि संगठन के कुछ बड़े नेता शहर के भाजपा उम्मीदवारों से पूछकर प्रत्याशी तय कर रहे हैं। जो लोग कांग्रेस के साथ हैं, उन्हें प्राथमिकता न देकर व्यक्तिगत निष्ठा वाले लोगों को प्राथमिकता देना चिंता का विषय है।