सिंगूर.
काफी उठा-पटक के बाद आज रतन टाटा ने सिंगूर से नैनो प्रोजेक्ट को कहीं दूसरी जगह ले जाने का फैंसला कर लिया है।
सिंगूर मामले में आज बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और रतन टाटा के बीच हुई काफी लंबी बातचीत किसी सही निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई, जिसके चलते रतन टाटा ने सिंगूर से अपने प्रोजेक्ट को कहीं और ले जाने का फैंसला कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार जहां तक नैनो प्रोजेक्ट अब गुजरात या महाराष्ट्र में स्थापित हो सकती है और गुजरात में नैनों प्रोजेक्ट लगाने को लेकर रतन टाटा गुजरात के मुख्यमंत्री से जल्द ही मुलाकात करेंगे ऐसा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि नैनो प्रोजेक्ट को लेकर सिंगूर में काफी समय से विवाद चल रहा था और काफी प्रयासों के बावजूद भी इसका समाधान नहीं निकल पाया। जिसे देखते हुए रतन टाटा ने इस बात की घोषणा कर दी कि अब नैनो प्रोजेक्ट को सिंगूर में नहीं कहीं दूसरी जगह स्थापित करेंगे।
नैनो कार परियोजना से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन के कारण संयंत्र का कामकाज 29 अगस्त से ही ठप पड़ा हुआ था।
राज्य सरकार ने टाटा मोटर्स को काम शुरू करने की दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया लेकिन रतन टाटा ने कहा कि पुलिस संरक्षण में काम कर पाना संभव नहीं है जिसके बाद रतन टाटा ने हालात सामान्य नहीं होने की दशा में नैनो कार परियोजना को राज्य से बाहर ले जाने की बात कही थी और आज अंततः वो दिन आ गया जब रतन टाटा ने सिंगूर को टाटा कह ही दिया