नई दिल्ली. खाद्य पदार्थो की कीमतें घटने के कारण 20 सितंबर को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर 11.99 फीसदी दर्ज की गई है। पिछले दो माह में ऐसा पहली बार हुआ है, जब यह १२ फीसदी के नीचे पहुंची है।
रिजर्व बैंक से नरमी की उम्मीद नहीं: विशेषज्ञ अभी भी रिजर्व बैंक से नरमी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। वे मानते हैं कि इस माह के अंत में होने वाली मौद्रिक नीति की मध्यावधि समीक्षा में ब्याज दरें यथावत रखी जा सकती हैं।
इनमें नरमी की गुंजाइश नहीं है। तरलता संकट के बावजूद नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती की संभावना कम है।
क्या थी पिछले सप्ताह: पिछले सप्ताह महंगाई की दर विनिर्मित वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के बावजूद 12.14 फीसदी पर यथावत रही थी। एक साल पहले यह 3.51 फीसदी के स्तर पर थी।