नई दिल्ली.रुपए की कमजोरी व महंगे क्रूड के कारण सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉपरेरेशन (आईओसी) का तेल आयात खर्च ४क् अरब डालर (करीब १८७५ अरब रुपए) होने की संभावना है। उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डालर की मजबूती के चलते शुक्रवार को रुपए ने पांच वर्ष का नया न्यूनतम स्तर छुआ।
रुपया व खर्च
आईओसी के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया के अनुसार डॉलर के मुकाबले में एक रुपए के अवमूल्यन पर कंपनी का तेल आयात बिल 300 करोड़ रुपए बढ़ जाता है। बेहुरिया के अनुसार रुपए की कमजोरी के चलते हमारे तेल आयात बिल में अब तक कुल १,200 करोड़ रु. बढ़ चुके हैं।
रोजाना 350 करोड़ का घाटा
पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस की बिक्री पर तेल कंपनियों को प्रति दिन 350 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है। इसमें प्रति दिन १९३ करोड़ रुपए का घाटा अकेले आईओसी उठा रही है। आईओसी, बीपीसीएल व एचपीसीएल को वर्तमान वित्त वर्ष में करीब १,६२,१५८ करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है। उधर, वैश्विक मंदी के कारण कंपनियों को कर्ज जुटाने में मुश्किलें आ रही हैं।
रुपए ने छुआ 5 वर्ष का न्यूनतम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण रुपया पांच वर्ष के नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपए का भाव ४७.३क् पर पहुंच गया, जो मई २क्क्३ के बाद सबसे निचला स्तर है। कारोबार की समाप्ति पर यह ४६.८६/८७ दर्ज किया गया।
रुपए का भाव >> शुक्रवार 46.86/87 >> बुधवार 46.62/63
क्रूड 93 डॉलर से नीचे
अमेरिका में संशोधित राहत पैकेज पर सहमति का इंतजार कर रहे निवेशकों की बेरुखी (कच्चे तेल) के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम ९३ डॉलर से भी नीचे पहुंच गए हैं। शुक्रवार को कारोबार के दौरान नवंबर डिलीवरी वाले लाइट स्वीट क्रूड के दाम ९२.९७ डॉलर दर्ज किए गए।