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International International इस्लामाबाद.
पाकिस्तान सरकार लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह (42) की रिहाई के मामले की समीक्षा करने की तैयारी में है। इस सिलसिले में पाक के कानून मंत्री फारूक नाइक अगले सोमवार को जेल में सरबजीत से मुलाकात करेंगे।
सरकार के इस कदम से सरबजीत की रिहाई की उम्मीद फिर बढ़ गई है। पाक सरकार ने सरबजीत को माफी देने के भारत सरकार के आग्रह को देखते हुए यह कदम उठाया है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ‘जिओ टीवी’ ने शुक्रवार को बताया कि पाक कानून मंत्री सरबजीत को माफी देने की भारत सरकार की अपील पर भी गौर करेंगे।
करीब 18 साल पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए चार बम विस्फोटों के सिलसिले में सरबजीत को फांसी की सजा सुनाई गई है। हालांकि, सरबजीत के परिजनों ने इसे गलत पहचान का मामला बताया है। सरबजीत को इस वर्ष एक अप्रैल को फांसी दी जानी थी, लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के हस्तक्षेप और भारत सरकार के आग्रह के बाद इसे टाल दिया गया था। बेनजीर के जन्मदिन पर पाक ने हजारों कैदियों के मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने का ऐलान किया था।
परिजनों को रिहाई की आस
मेरठ : सरबजीत के परिजनों को उसकी रिहाई की एक बार फिर आशा बंध गई है। सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने गुरुवार को यहां कहा, ‘मुझे और पूरे परिवार को विश्वास है कि सरबजीत की फांसी की सजा उम्रकैद में तब्दील हो जाएगी।’
दलबीर ने दावा किया कि पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी जल्द ही इस सिलसिले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से बात करने वाले हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष मई में दलबीर ने पाकिस्तान में सरबजीत से जेल में मुलाकात की थी। इस मौके पर सरबजीत की पत्नी और बेटियां भी मौजूद थीं।