bhaskar Web English
HomeNewsNational National

ओबीसी क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाई

नई दिल्ली.केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा दो लाख से बढ़ाकर साढ़े चार लाख कर दी है। इससे इस वर्ग के और भी कई लोगों को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिलेगा।

शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में 12 अन्य राज्यों में नई सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोलने को भी मंजूरी दी गई है। मध्यप्रदेश के सागर और छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों को केंद्रीय दर्जा देने का फैसला लिया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछड़े क्षेत्रों में लड़कियों के लिए ब्लॉक स्तर पर 3500 गल्र्स हॉस्टल खोलने और मदरसों को शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 325 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की है। कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के अनुसार ओबीसी की आय सीमा बढ़ाई है। बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने यहां बताया कि ओबीसी वर्ग में शामिल जिन लोगों की सालाना आय साढ़े चार लाख रुपए या इससे कम है, वे क्रीमीलेयर में नहीं आएंगे।

अपग्रेड होंगे आईटीआई

सरकारीऔर निजी भागीदारी से देश के 1000 से अधिक सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा। इस काम में 2011-12 तक 2800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

उधर, मध्यप्रदेश के सागर स्थित हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इन दोनों यूनिवर्सिटियों के साथ उत्तरांचल की हेमवतीनंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी और गोवा यूनिवर्सिटी को भी केंद्रीय दर्जा देने की मंजूरी दी गई है। देश के जिन 12 राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय नहीं हैं, वहां नई सेंट्रल यूनिवर्सिटियों की स्थापना की जाएगी।

हिमाचल और हरियाणा में भी नई सेंट्रल यूनिवर्सिटी खोली जाएंगी। हरियाणा सरकार पहले ही महेंद्रगढ़ में भगवान श्रीकृष्ण के नाम से यह केंद्रीय विवि खोलने की घोषणा कर चुकी है।

बीपीएल छात्राओं के लिए 3500 हॉस्टल: गरीबी रेखा से नीचे 14-18 साल की आयु वर्ग की छात्राओं के लिए 3500 हॉस्टल खोले जाएंगे। नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की छात्राओं के लिए प्रत्येक हॉस्टल की क्षमता 100 छात्राओं की होगी। कैबिनेट ने इसके लिए 2000 करोड़ रु. की राशि मंजूर की है।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

-राष्ट्रमंडल खेलों के लिए प्रसार भारती, पीआईबी को 443 करोड़ की सहायता।

-दृष्टिहीनता पर नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 11वीं योजना में 1250 करोड़ खर्च होंगे।

- देश में धर्मार्थ कार्र्यो में अप्रवासी भारतीयों को जोड़ने के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: