अहमदाबाद. रतन टाटा का कहना है कि नैनो प्रोजेक्ट पर उनकी तीन-चार राज्यों से बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक टाटा मोटर्स के अधिकारियों को अहमदाबाद के छारोड़ी गांव की जमीन पसंद आई है, जिसे लेकर कंपनी में विचार-विमर्श चल रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने हाल में जगह का मुआयना भी किया है।
गुजरात में कहां-कहां संभावना
टाटा मोटर्स को अहमदाबाद के करीब छारोड़ी व छारल गांव में स्थित 2200 एकड़ जमीन पर काम शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
यह जमीन गुजरात कृषि विवि(आनंद) के अधीन है। क%छ में मुंद्रा, नवसारी में मरोली, वड़ोदरा में पादरा व साबरकांठा में प्रांतिज पर भी विचार चल रहा है।
छारोड़ी है ज्यादा पसंद : टाटा मोटर्स के अधिकारी गुजरात में छारोड़ी को बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
अधिग्रहण में समस्या नहीं :
भूमि राज्य सरकार की है। इसको लेकर किसी अन्य पक्ष से विवाद की आशंका नहीं है।
निकट बनते हैं स्पेयर पार्ट्स :
नैनो के 30 फीसदी स्पेयर पार्ट्स राजकोट में बनते हैं, जो प्रस्तावित साइट के करीब है।
सुविधाजनक निर्यात : कांडला व मुंद्रा यहां से निकट हैं, जिससे कंपनी को निर्यात में मदद मिलेगी। धोलेरा व फेदरा एयरपोर्ट भी करीब ही स्थित हैं। कंपनी के अधिकारियों को सुविधा रहेगी।
और किन-किन राज्यों से बातचीत:
उत्तराखंड
पंतनगर :
सरकार पंतनगर पर भी विचार कर रही है। यहां कंपनी की सहयोगी इकाई पहले से स्थित है। यह जगह भी परियोजना की दृष्टि से उचित बताई जा रही है।
आंध्रप्रदेश :
रतन टाटा आंध्रप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अपने लिए खास सुविधाएं मांग चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक वे चाह रहे हैं कि उनकी शिफ्टिंग की लागत राज्य सरकार पूरी या प्रमुख रूप से वहन करे। आंध्र सरकार भी कोपारो ग्रुप के मुखिया स्वराज पाल के जरिए बातचीत कर रही है।
कर्नाटक :
कर्नाटक की सरकार टाटा को परियोजना के लिए एक हजार एकड़ जमीन मुहैया कराने की पेशकश कर चुकी है। सरकार अन्य रियायतें देने की भी इ%छुक है।
महाराष्ट्र : टाटा मोटर्स पुणो व उसके आसपास के इलाकों पर भी विचार कर रही है।