भोपाल. पेयजल संकट से निपटने नगर निगम ने वाटर मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके तहत कोलार पाइप लाइन को दो स्थानों पर इस तरह परिवर्तित किया जाएगा, जिससे वह झुग्गियों के बीच से नहीं निकले और लीकेज से बचा जा सके। इसके अलावा पानी की बर्बादी रोकने अन्य कार्य भी किए जाएंगे।
निगम ने हाल ही में पानी की एक-एक बूंद का हिसाब लगाया है कि किस तरह कितना पानी बचाया जा सकता है। इससे यह साफ हुआ कि अरेरा हिल से मालवीय नगर जाने वाली पाइप लाइन बिड़ला मंदिर के सामने झुग्गियों के बीच से जा रही है।
यहां के लोग लगभग 12 घंटे पानी ले रहे हैं, जिससे काफी पानी बर्बाद हो रहा है। अब निगम ने इस पाइप लाइन को बायपास कर बिड़ला मंदिर के पास से ले जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे लगभग 0.5 एमजीडी पानी बचने की उम्मीद है। इसी तरह कोलार पाइप लाइन अरेरा हिल से जहांगीराबाद होते हुए सुभाष नगर के लिए गई है। इस पाइप लाइन से भी जहांगीराबाद के लोगों को 14 घंटे पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे पानी की काफी बर्बादी हो रही है। इस लाइन को सुभाष नगर अंडरब्रिज के पास से निकला जाएगा और करीब दो एमजीडी पानी बचेगा।
बगीचों की सिंचाई नालों से: निगम ने शहर के पार्र्को और सड़क किनारे फुटपाथों पर लगे पेड़-पौधों को सींचने नालों के पानी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस तरह शहर के 57 बगीचों और चार नर्सरी को दिए जाने वाले पानी को बचाया जा सकेगा।
कटेंगे अवैध नल कनेक्शन: पानी का अपव्यय रोकने निगम जल्द ही गली मोहल्लों में ऐसे उपभोक्ताओं के नल कनेक्शन काटेगा, जो अवैध हैं। इसके अलावा गलियों में बिछीं सप्लाई लाइन के लीकेज भी सुधारे जाएंगे।
होगा गहरे नलकूपों का खनन: निगम ने ज्यादा पानी उपलब्ध कराने वाले गहरे नलकूपों के खनन के लिए केंद्रीय भूजल सर्वेक्षण विभाग की मदद ली है। इस विभाग के विशेषज्ञ निगम को बताएंगे कि किस स्थान पर गहरे नलकूपों का खनन किया जा सकता है जिस पर हाईड्रेट लगाकर पानी के टैंकर भरे जा सकेंगे।
नगर निगम ने एक ओर पानी का अपव्यय रोकने की योजना तैयार की है वहीं दूसरी ओर कम पड़ रहे पानी की पूर्ति के उपाय भी किए हैं, जिसमें पानी कटौती का प्रस्ताव भी शामिल है।
-मनीष सिंह, निगमायुक्त
पानी कटौती पर निर्णय के आसार नहीं
भोपाल. नगर निगम परिषद की शनिवार को होने वाली बैठक में पेयजल संकट के मुद्दे पर निर्णय के आसार काफी कम हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता इस पर राजी नहीं हैं कि चुनावी माहौल में पेयजल कटौती की जाए।
इस बार अल्प वर्षा के चलते कोलार डेम और बड़ा तालाब अपनी क्षमता से काफी कम भरे हैं। बड़े तालाब में मात्र 70 दिन का पानी शेष है। पेयजल संकट के मद्देनजर निगम प्रशासन ने पानी के हालात से परिषद को अवगत कराने शनिवार को होने वाली बैठक में पानी कटौती का प्रस्ताव भेजा है।
इस प्रस्ताव से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल के पाषर्द सहमत नहीं हैं। कांग्रेस पार्षद चाहते हैं कि प्रदेश सरकार नर्मदा प्रोजेक्ट को समय से पहले पूरा करे, जिससे शहर को पर्याप्त पानी मिल सके। वहीं भाजपा पार्षदों की राय है कि पानी कटौती का ठीकरा कांग्रेस के सिर फूटे। इसलिए शनिवार को होने वाली परिषद की बैठक में इस मसले पर निर्णय होने के आसार नहीं हैं।
बेनतीजा रही सर्वदलीय बैठक
पानी कटौती के मसले पर महापौर के आग्रह पर संभाग आयुक्त पुखराज मारू ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिसमें नेताओं ने विशेष रुचि नहीं ली थी और वह किसी भी ठोस निर्णय के बगैर ही समाप्त हो गई थी। इसके बाद निगम प्रशासन ने पानी कटौती का प्रस्ताव परिषद को भेजा है।
पेयजल संकट के वास्तविक हालात से परिषद को अवगत कराने के लिए प्रस्ताव परिषद में भेजा गया है। इस पर परिषद जो भी निर्णय लेगी, निगम उसका पालन करेगा।
- मनीष सिंह, निगमायुक्त
अल्प वर्षा की स्थिति, बड़े तालाब और कोलार डेम में पानी की कमी और नर्मदा प्रोजेक्ट में हो रही देरी आदि बातों से परिषद को अवगत कराने के लिए प्रस्ताव नगर निगम परिषद के सामने रखा है। अब इस पर परिषद को निर्णय लेना है।
सलीम अहमद, सचेतक कांग्रेस पार्षद दल
पानी कटौती का प्रस्ताव परिषद में आने के बाद ही उस विषय में कुछ निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
- रामदयाल प्रजापति, परिषद अध्यक्ष