भोपाल. चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम तय करने की अंतिम कवायद शुरू कर दी है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव डा.एके पयासी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों की मुलाकात चुनाव कार्यक्रम तय करने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। चुनाव आचार संहिता अगले हफ्ते लागू हो सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव वर्ष 2003 में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान 55 दिन पहले छह अक्टूबर को हुआ था। इन दिनों आचार संहिता लागू करने की तारीख को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा इतनी ज्यादा है कि हर दिन किसी एक नई संभावित तारीख पर अटकलें शुरू हो जाती हैं।
अनिवार्य तिथियों के बारे में चर्चा : सूत्रों ने बताया कि प्रदेश की 13वीं विधानसभा का चुनाव कार्यक्रम तय करने की कवायद के तहत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर से शुक्रवार को मप्र विधानसभा के प्रमुख सचिव डा.एके पयासी ने मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक दोनों अफसरों के बीच 12वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने और 13वीं विधानसभा के गठन के संबंध में अनिवार्य तिथियों के बारे में चर्चा की।
हो सकती है देरी भी :
इधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि मतदाता सूचियों के काम में हो रही देरी के मद्देनजर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा में भी विलंब हो सकता है। प्रदेश फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 30 सितंबर तक होना था, लेकिन इस तारीख तक करीब 105 विधानसभा सीटों में इसका का पूरा नहीं हो पाया है या उसमें खामियां हैं।
इन सीटों की वोटर लिस्ट को त्रुटिरहित बनाने के लिए 4 अक्टूबर तक की मोहलत दी गई है। संभावना है कि अगले हफ्ते चुनाव आयोग आसन्न विधानसभा चुनाव वाले पांचों राज्यों मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों से एक बार और चर्चा करेगा। इसके बाद ही चुनाव कार्यक्रम के संबंध में कोई ऐलान होने की संभावना जताई गई है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की तिथि में प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह की 8 अक्टूबर को प्रस्तावित भोपाल यात्रा का भी ख्याल रखा जाएगा। इस बार आयोग प्रदेश में विधानसभा चुनाव दो चरणों में करा सकता है। पहला चरण नवंबर के तीसरे हफ्ते में हो सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा :
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर का कहना है कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का प्रकाशन जिन क्षेत्रों में नहीं हुआ है, अभी हमारा ध्यान वहां 4 अक्टूबर तक पूरा करने पर है।
चुनाव आयोग जब निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर देगा, हम अमल की तैयारी में जुट जाएंगे। श्री माथुर ने बताया कि ऐसा कोई नियम या प्रावधान नहीं है कि मतदान की तारीख से ठीक कितने दिन पहले चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू की जाए।