इंदौर.
नवरात्रि में ‘शक्ति’ की भक्ति के लिए आस्था व उत्साह के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब बिजासन माता मंदिर पर दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। मातारानी के दर्शन पाने के लिए शहर के हर कोने और आसपास क्षेत्रों के लोग पहुंचे। भक्ति करने का हर किसी का अपना तरीका था, लेकिन मंजिल एक थी, माता के दरबार में शीष नवाना।/
जैसे- जैसे नवरात्रि के दिन बीत रहे हैं भक्ति गहराती जा रही है। शुक्रवार सुबह बिजासन माता के श्रंगार के पहले ही कई लोग दर्शन का इंतजार कर रहे थे। माहौल में हल्की सर्दी और आसमान में अंधेरा था लेकिन बिजासन मंदिर पहुंचने वालों पर इसका कोई असर नहीं दिखा। गांधीनगर और एरोड्रम रोड़ की ओर से मातारानी के जयकारे और चलों बुलावा आया है माता ने बुलाया है.. भजन गुनगुनाते जत्थों में लोगों की पैदल आवाजाही हो रही थी।
ालानीनगर, गुमाश्तानगर, स्कीम नं. 71, गांधीनगर, नैनौद, सुखलिया सहित शहर के तमाम क्षेत्रों से लोग साइकिल, दो पहिया व चार पहिया वाहनों से आते जा रहे थे। सुबह करीब पांच बजे टेकरी पर लोगों की संख्या बढ़ती गई। साढ़े पांच बजे से मंदिर में सुबह की आरती की तैयारियां शुरू हो गई। जैसे ही छह बजे, पूरा मंदिर परिसर गूगल से महक उठा। शंख ध्वनि के साथ व घंटे-घड़ियाल के बीच देवी की आरती शुरू हुई।
आरती के लिए मंदिर परिसर में चारों ओर श्रद्धालु खड़े थे। भीड़ इतनी की खड़े रहने की जगह नहीं बची, आरती के दौरान ही लोगों की कतारें नीचे सीढ़ियों तक पहुंच गई। करीब आधे घंटे चली आरती के दौरान परिसर में मौजूद हजारों लोगों ने तालियां बजाई, कई महिलाएं भक्ति में झूमीं। मंदिर में करीब सात बजे भीड़ इतनी थी कि व्यवस्थाएं संभालना मुश्किल हो रहा था।
पुलिसकर्मी और मंदिर से जुड़े भक्त कतारबद्ध होकर लोगों को आगे बढ़ा रहे थे। भीड़ ज्यादा होने से लोगों को बस माता की एक झलक दर्शन कराते हुए आगे बढ़ाया जा रहा था। सुबह 9 बजे ग्रामीण क्षेत्र से लोग ट्रैक्टर-ट्राली में मत्था टेकने पहुंचे। दिन चढ़ने के साथ धूप भी तीखी होती चली गई और भक्ति का उत्साह भी बढ़ता गया।
501 फीट की चुनरी चढ़ाएंगे
मां जय अंबे भक्त मंडल बड़ा गणपति द्वारा 5 अक्टूबर को 501 फीट लंबी चुनरी और चांदी का छत्र अर्पित किया जाएगा। बड़ा गणपति चौराहे से शाम 4 बजे वीर हठीले हनुमान मंदिर के गिरजानंदनदास महाराज के मुख्य आतिथ्य में यात्रा रवाना होगी। यात्रा में बैंडबाजे के साथ ही गरबा मंडल, साधु-संत और भक्त शामिल होंगे। कपिल उपाध्याय और कमलेश शर्मा ने बताया तीन वर्षो से यह आयोजन किया जा रहा है।
सात साल से हर नवरात्रि पर
विजयनगर निवासी प्रकाश शेल्के और गजेश बैरड़ सुबह करीब छह बजे मातारानी के दरबार में मत्था टेकने के लिए आएं। उन्होंने बताया वे पिछले 7 साल से लगातार हर नवरात्रि में दर्शन करने आते है।
.. और वे टेकरी चढ़ गई
सुखलिया निवासी 55 वर्षीय कृष्णा मिश्रा को बीमारी की वजह से चलने फिरने में काफी परेशानी होती है। सुबह करीब 8 बजे श्रीमती मिश्रा बिजासन पहुंची उनमें ‘शक्ति’ का संचार हुआ वे टेकरी पैदल चढ़ी और उतरी।
आरती में शामिल होने आते हैं
पल्हरनगर निवासी सुनील पाटील अपनी 3 साल की भतीजी वैष्णवी के साथ आरती में शामिल होने आएं। इसी तरह गांधीनगर निवासी यश तोमर, कालानीनगर के नरेंद्र गोयल, जूनी इंदौर के दिनेश वर्मा आरती के लिए सुबह 5.30 बजे ही मातारानी के दरबार में पहुंच गए। सभी ने कहा वे पिछले कई वर्षो से नवरात्रि में सुबह 6 बजे होने वाली आरती में शामिल होते हैं।
सबसे पहले दर्शन की होड़
नवरात्रि में देवी का दरबार साढ़े 22 घंटे देवी के दर्शन के लिए खुला रहता है। देर रात करीब ढाई बजे से मातारानी का श्रंगार होता है इसलिए डेढ़ घंटे के लिए पट बंद होते है। बड़ा गणपति निवासी ठाकुर भाईजी ने कहा वे रोजाना रात को साढ़े तीन बजे मंदिर आते है, पट खुलने के बाद दर्शन भी करते है।