राजकोट.
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव निरंजन शाह ने शनिवार को सचिन-सौरव सहित सभी वरिष्ठ क्रिकेटर्स को संन्यास की सलाह देते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि बोर्ड को महान ऑलराउंडर कपिल देव की तर्ज पर इन्हें भी जबरन बाहर का रास्ता दिखाना पड़े।
शाह ने कहा कि भविष्य में वरिष्ठ खिलाड़ियों के मामले में बीसीसीआई ऐसा कठोर फैसला लेने के लिए मजबूर हो सकती है। बीसीसीआई सचिव पद से हाल ही में रिटायर हुए शाह के इस बयान से क्रिकेट जगत में एक बार फिर वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास का मुद्दा तूल पकड़ सकता है।
‘खिलाड़ियों को खुद समझना चाहिए’ :
निरंजन शाह ने कहा कि चयनकर्ता वरिष्ठ क्रिकेटर्स को बाहर का रास्ता दिखाएं, इससे पहले उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब उनके संन्यास का वक्त आ गया है। जब वरिष्ठ खिलाड़ी स्वयं संन्यास की घोषणा नहीं करते, तभी उन्हें विपरीत स्थिति का सामना करना पड़ता है।
‘युवाओं को मौका मिलना जरूरी’ : वरिष्ठ खिलाड़ियों के हटने से टीम के प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभाव पर निरंजन शाह ने कहा कि चरणबद्ध रूप से वरिष्ठ खिलाड़ियों के हटने का टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। युवा खिलाड़ियों की पैरवी करते हुए शाह ने कहा कि नए खिलाड़ियों को मौका मिलना जरूरी है।
‘कोई शर्त नहीं’ : शाह ने यह मानने से इंकार किया कि सौरव गांगुली को सम्मानजनक विदाई की शर्त के साथ टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों को शामिल करते वक्त ऐसी कोई शर्त नहीं रखी जाती।