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आंखें निकालने का पांच साल से धंधा

अम्बाला .शवों की आंखें निकालने वाले अंबाला सिटी सिविल अस्पताल में कार्यरत चौथा दर्जा कर्मचारी सुनील कुमार ने पुलिसिया पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए है। पिछले पांच साल से यह अमानवीय काम करने वाले इस मुलाजिम के मुताबिक वह मोर्चरी से लावारिस लाशों की आंखें निकाल कर 1500 रुपए में पटियाला के डॉक्टर दंपती को बेच देता था।

आंखें निकालने के औजार उसे पटियाला के डाक्टर ने ही मुहैया कराए थे। पोस्टमार्टम करने के बाद जब डॉक्टर कागजी कार्रवाई में जुट जाते थे तब वह आंखें निकाल लेता था। इन आंखों को वह केमिकल लगाकर साफ डिब्बी में रख देता था। बाद में दलाल को आंखें सौंप दी जाती थीं। सिविल अस्पताल, अम्बाला शहर के पीएमओ डॉ. ओपी आर्य का कहना है कि अस्पताल में चार-पांच चौथा दर्जा कर्मचारी हैं।

ज्यादातर शवों का पोस्टमार्टम सुनील करता था। इस मामले की जांच चल रही है। यदि और कोई संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी।





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